यूरिया के लिए ऐप से बुकिंग का तेलंगाना में किसानों ने किया विरोध, पुरानी व्यवस्था बहाल करने की माँग, लगाए ये आरोप
Gaon Connection | Jun 21, 2026, 14:37 IST
तेलंगाना के कामारेड्डी ज़िले में किसानों ने ऐप-आधारित यूरिया बुकिंग प्रणाली के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण यूरिया की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और स्टॉक संबंधी जानकारी में भी भ्रम की स्थिति बन रही है। तकनीकी समस्याओं और स्मार्टफोन के सीमित उपयोग के चलते किसानों ने पुरानी मैनुअल वितरण व्यवस्था बहाल करने की माँग की।
यूरिया बुकिंग ऐप हटाने की माँग तेज़
तेलंगाना के कामारेड्डी ज़िले में किसानों ने रविवार को यूरिया वितरण के लिए लागू की गई ऐप-आधारित बुकिंग प्रणाली के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। उप्पलवाई क्षेत्र में जुटे किसानों ने राज्य सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की माँग की। किसानों का कहना है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद यूरिया की आपूर्ति प्रभावित हुई है और उन्हें खाद प्राप्त करने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि ऐप पर उपलब्ध कराई जा रही जानकारी कई बार भ्रम पैदा करती है। किसानों के अनुसार, अधिकारियों द्वारा उपलब्ध यूरिया की जो मात्रा बताई जाती है, वह ज़मीनी स्तर पर उपलब्ध स्टॉक से मेल नहीं खाती। इससे किसानों को बार-बार वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने कहा कि कई बार अधिकारियों की ओर से यूरिया की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी समय पर साझा नहीं की जाती। ऐसे में किसानों को यह पता नहीं चल पाता कि किस केंद्र पर खाद उपलब्ध है और किस पर नहीं। उनका कहना है कि इसी वजह से कई स्थानों पर किसानों को विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में यूरिया की समय पर उपलब्धता बेहद ज़रूरी है। यदि खाद मिलने में देरी होती है तो इसका सीधा असर फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर पड़ सकता है।
किसानों ने सरकार से ऐप-आधारित यूरिया बुकिंग प्रणाली को समाप्त कर पुरानी मैनुअल वितरण व्यवस्था को फिर से लागू करने की माँग की। उनका कहना है कि पहले की व्यवस्था में किसानों को खाद प्राप्त करने में कम परेशानी होती थी और प्रक्रिया अधिक सरल थी। किसानों ने आरोप लगाया कि यूरिया की आपूर्ति में देरी के कारण उन्हें कई बार वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा तकनीकी समस्याओं के कारण भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई किसान स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के उपयोग से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। ऐसे किसानों के लिए ऐप के माध्यम से बुकिंग करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों और डिजिटल जानकारी की कमी के कारण कई किसानों को खाद प्राप्त करने में अतिरिक्त मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने राज्य सरकार से उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान निकालने और यूरिया वितरण व्यवस्था को सरल बनाने की माँग की है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि ऐप पर उपलब्ध कराई जा रही जानकारी कई बार भ्रम पैदा करती है। किसानों के अनुसार, अधिकारियों द्वारा उपलब्ध यूरिया की जो मात्रा बताई जाती है, वह ज़मीनी स्तर पर उपलब्ध स्टॉक से मेल नहीं खाती। इससे किसानों को बार-बार वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।