यूपी में ऐप से बुकिंग के बाद मिलेगी खाद, 2 ज़िलों में व्यवस्था शुरू, जानें बिना स्मार्टफोन वाले किसानों को कैसे मिलेगा उर्वरक
Umang | Jun 15, 2026, 13:09 IST
उत्तर प्रदेश के 2 ज़िलों में उर्वरक वितरण की नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब किसानों को मोबाइल ऐप के ज़रिए पहले से खाद बुक करनी होगी। बुकिंग के बाद मिलने वाले क्यूआर कोड और टोकन के आधार पर ही उर्वरक मिलेगा। योजना में बटाईदार और किरायेदार किसानों को भी शामिल किया गया है। आइये जानते हैं कि किसानों को किस ऐप से बुकिंग करनी है और जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं उन्हें क्या करना होगा।
अब खाद के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन!
उत्तर प्रदेश में किसानों को खाद के लिए दुकानों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने से जल्द राहत मिलने वाली है। कृषि विभाग ने 15 जून से सीतापुर और रामपुर ज़िलों में उर्वरक वितरण की नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसके तहत किसानों को अब यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरकों के लिए पहले मोबाइल ऐप पर बुकिंग करनी होगी। बुकिंग के बाद जारी क्यूआर कोड और टोकन के आधार पर ही खाद मिल सकेगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना, वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और कालाबाज़ारी जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाना है। कृषि विभाग का मानना है कि इससे किसानों को अपनी ज़रूरत के मुताबिक खाद आसानी से मिल सकेगी और अनावश्यक भागदौड़ से भी छुटकारा मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत किसानों को अपने स्मार्टफोन में ‘फ्रेमवर्क फ़ॉर फ़र्टिलाइज़र सेल’ (Framework For Fertilizer Sale) ऐप डाउनलोड करना होगा। किसान ऐप पर अपनी फसल और भूमि का विवरण दर्ज कर आवश्यक उर्वरक की मात्रा चुन सकेंगे। इसके बाद उन्हें अपने क्षेत्र के उपलब्ध विक्रेताओं की जानकारी मिलेगी, जहाँ से वे अपनी सुविधा के अनुसार दुकान का चयन कर सकेंगे।
बुकिंग पूरी होने पर किसान के मोबाइल पर क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी होगा। इसी के आधार पर किसान चयनित विक्रेता से पीओएस मशीन के ज़रिए उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। हालांकि, दो दिन के भीतर खाद नहीं लेने पर टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा।
नई प्रणाली में ऐसे किसानों का भी ध्यान रखा गया है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। डीएम के पत्र के अनुसार ऐसे किसान अपने नज़दीकी उर्वरक केंद्र या जनसुविधा केंद्र पर जाकर बुकिंग करा सकेंगे। इससे डिजिटल सुविधा से वंचित किसानों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा किसान आईडी धारकों के साथ-साथ बिना किसान आईडी वाले किसान, बटाईदार और किरायेदार किसान भी इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। यदि कोई किसान स्वयं खाद लेने नहीं पहुँच सकता है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य या अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से भी उर्वरक प्राप्त कर सकता है।
सीतापुर के ज़िलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की ओर से जारी पत्र में किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया गया है कि उर्वरक बिक्री अब ऐप आधारित बुकिंग प्रणाली से की जाएगी। पत्र में कहा गया है कि यह व्यवस्था किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, नज़दीकी दुकानों की जानकारी देने, समय और श्रम की बचत करने तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।
ज़िलाधिकारी ने किसानों से नई व्यवस्था को अपनाने और इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील भी की है। पत्र के अनुसार इस प्रणाली से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने में आसानी होगी और वितरण व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बन सकेगी।
• उर्वरक खरीदने से पहले ऐप पर बुकिंग अनिवार्य होगी।
• यूरिया, डीएपी और एनपीके की बुकिंग मोबाइल से की जा सकेगी।
• बुकिंग के बाद क्यूआर कोड और टोकन जारी होगा।
• किसान अपनी सुविधा के अनुसार नज़दीकी विक्रेता चुन सकेंगे।
• बिना स्मार्टफोन वाले किसान जनसुविधा केंद्र से बुकिंग करा सकेंगे।
• बटाईदार और किरायेदार किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
• वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और कालाबाज़ारी रोकने पर ज़ोर रहेगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना, वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और कालाबाज़ारी जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाना है। कृषि विभाग का मानना है कि इससे किसानों को अपनी ज़रूरत के मुताबिक खाद आसानी से मिल सकेगी और अनावश्यक भागदौड़ से भी छुटकारा मिलेगा।
ऐप से बुकिंग, फिर मिलेगी खाद
बुकिंग पूरी होने पर किसान के मोबाइल पर क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी होगा। इसी के आधार पर किसान चयनित विक्रेता से पीओएस मशीन के ज़रिए उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। हालांकि, दो दिन के भीतर खाद नहीं लेने पर टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा।
आदरणीय कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी जी द्वारा उर्वरकों की ऑनलाइन बिक्री के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किए गए जनपद सीतापुर के फुटकर उर्वरक विक्रेताओं तथा किसान संगठनो से नई व्यवस्था के संदर्भ मे विस्तृत चर्चा की तथा #Framework_for_fertilizer_sale_app के बारे में सभी... pic. twitter. com/YQ5wZwzWSa
— Krishi Vibhag Gov UP (@jdabureau) June 15, 2026
बिना स्मार्टफोन वाले किसानों के लिए भी व्यवस्था
इसके अलावा किसान आईडी धारकों के साथ-साथ बिना किसान आईडी वाले किसान, बटाईदार और किरायेदार किसान भी इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। यदि कोई किसान स्वयं खाद लेने नहीं पहुँच सकता है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य या अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से भी उर्वरक प्राप्त कर सकता है।
डीएम ने किसानों से किया सहयोग का आह्वान
ज़िलाधिकारी ने किसानों से नई व्यवस्था को अपनाने और इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील भी की है। पत्र के अनुसार इस प्रणाली से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने में आसानी होगी और वितरण व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बन सकेगी।
सीतापुर के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
— DM Sitapur (@dm_sitapur) June 14, 2026
अब उर्वरक (यूरिया, डीएपी एवं एनपीके) की बुकिंग Framework For Fertilizer Sale (FFS) App के माध्यम से की जाएगी। इससे किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी निकटतम विक्रेता का चयन, समय की बचत तथा पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। pic. twitter. com/Hc23xgeami
डीएम के पत्र की बड़ी बातें
• यूरिया, डीएपी और एनपीके की बुकिंग मोबाइल से की जा सकेगी।
• बुकिंग के बाद क्यूआर कोड और टोकन जारी होगा।
• किसान अपनी सुविधा के अनुसार नज़दीकी विक्रेता चुन सकेंगे।
• बिना स्मार्टफोन वाले किसान जनसुविधा केंद्र से बुकिंग करा सकेंगे।
• बटाईदार और किरायेदार किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
• वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और कालाबाज़ारी रोकने पर ज़ोर रहेगा।