अयोध्या में स्थापित हुआ जल जीवन मिशन का प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर, मिशन को मिल रहे प्रशिक्षित कारीगर
Gaon Connection | May 09, 2026, 18:58 IST
अयोध्या जल जीवन मिशन के तहत कौशल विकास का एक सफल मॉडल बन गया है। यहाँ प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित हुआ है। इस केंद्र से 550 से अधिक कारीगर प्रशिक्षित हो चुके हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशिक्षण से परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और स्थानीय कार्यबल तैयार हुआ है।
जल जीवन मिशन प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और कौशल विकास का बड़ा मॉडल बनकर उभरा है। अयोध्या में जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया गया है, जहां मिशन से जुड़े कारीगरों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस केंद्र से अब तक 550 से अधिक कारीगर प्रशिक्षित हो चुके हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) अयोध्या की ओर से विकासखंड रुदौली के मुजफ्फरपुर-जलालपुर पेयजल योजना परिसर में यह प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है। यह प्रदेश का अपनी तरह का पहला और फिलहाल एकमात्र कौशल विकास केंद्र है। खास बात यह है कि इसे सक्रिय पेयजल योजना परिसर में बनाया गया है, जिससे प्रशिक्षण लेने वालों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव भी मिल रहा है।
केंद्र में फिटर, प्लंबर, मिस्त्री (मेसन) और इलेक्ट्रीशियन जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान पाइप फिटिंग और अलाइनमेंट की आधुनिक तकनीक, प्लंबिंग इंस्टॉलेशन, लीकेज कंट्रोल, ओवरहेड टैंक निर्माण, सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता आधारित कार्य प्रणाली की जानकारी दी जा रही है।
अब तक यहां 22 प्रशिक्षण बैच पूरे किए जा चुके हैं। प्रत्येक बैच में करीब 25 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। कुल 550 से अधिक कारीगरों को दक्ष बनाया जा चुका है, जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं। इन प्रशिक्षित कारीगरों का लाभ अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर और देवरिया जिलों की जल जीवन मिशन परियोजनाओं को भी मिल रहा है।
इस पहल का असर अब परियोजना स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। पाइप जॉइंटिंग में मानकीकरण होने से लीकेज की घटनाएं कम हुई हैं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर हुई है और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की संस्कृति विकसित हुई है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित कार्यबल मिलने से बाहरी श्रमिकों पर निर्भरता भी घटी है और परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है।
केंद्र की सबसे खास उपलब्धि महिला भागीदारी को बढ़ावा देना है। अब तक 10 महिलाओं को पंप ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर अयोध्या की विभिन्न पेयजल योजनाओं में तैनात किया गया है। ये महिलाएं अपने गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन संभाल रही हैं। स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं ने इस पहल का स्वागत किया है क्योंकि इससे पेयजल व्यवस्था की निरंतरता और भरोसेमंद संचालन सुनिश्चित हो रहा है।
जल निगम अयोध्या (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अरविंद यादव ने बताया कि यह केंद्र केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा-जागरूक, दक्ष और आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करने की ठोस पहल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से जल जीवन मिशन वास्तव में जन-जन का मिशन बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में और अधिक प्रशिक्षण बैच चलाकर इस मॉडल को और मजबूत बनाने की योजना है। अयोध्या का यह कौशल विकास केंद्र अब जल जीवन मिशन के तहत गुणवत्ता, सुरक्षा और स्थानीय सशक्तीकरण का एक सफल उदाहरण बनकर उभर रहा है।