Flood Alert: IMD देगा 7 दिन पहले बाढ़ का अलर्ट, हर राज्य में बनेगी संकट प्रबंधन टीम, मौसम अलर्ट गाँव-गाँव तक पहुंचाने का प्लान
Preeti Nahar | May 11, 2026, 13:18 IST
देश में बाढ़ और गर्मी से निपटने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में 'जीरो कैजुअल्टी डिजास्टर मैनेजमेंट' का लक्ष्य रखा। बैठक में बताया गया कि हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीम बनेगी। जोखिम भरी झीलों के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली का विस्तार होगा। खेती को हीटवेव से बचाने की रणनीति बनेगी।
देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा
देश में संभावित बाढ़, हीटवेव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए बाढ़ और गर्मी से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश को “Zero Casualty Disaster Management” के लक्ष्य की दिशा में काम करना होगा।
बैठक में गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि देश के हर राज्य में Flood Crisis Management Teams (FCMT) का गठन किया जाए और उन्हें पूरी तरह सक्रिय किया जाए। उनका कहना था कि बाढ़ के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्यों को पहले से तैयार रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के स्तर पर बाढ़ पूर्वानुमान की एक समेकित व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, ताकि समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।
National Disaster Management Authority (NDMA) के सहयोग से जम्मू-कश्मीर, Ladakh, Uttarakhand, Himachal Pradesh, Arunachal Pradesh और Sikkim में पहले 30 जोखिम भरी झीलों के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित की जा रही थी, लेकिन अमित शाह ने इस योजना का विस्तार करते हुए कम से कम 60 झीलों को इसमें शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राज्यों में एकीकृत जलाशय संचालन प्रणाली लागू करने पर भी जोर दिया।
गृह मंत्री ने कहा कि बढ़ती गर्मी का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है, इसलिए ऐसी रणनीति तैयार की जाए जिससे हीटवेव से किसानों और फसलों को न्यूनतम नुकसान हो। उन्होंने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नदियों पर चेक डैम बनाने और जल संचयन परियोजनाओं को बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि इससे जलस्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
अमित शाह ने कहा कि National Disaster Management Authority द्वारा आपदाओं को लेकर जारी दिशा-निर्देशों से जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अब यह देखना जरूरी है कि राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर इनका सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। उन्होंने NDMA को यह अध्ययन करने के लिए भी कहा कि कितने राज्य जंगल की आग, बाढ़ और हीटवेव से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority (CAMPA) फंड का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन के लिए और अधिक प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि आम लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि नए ऐप और पोर्टल बनाने की बजाय मौजूदा प्लेटफॉर्म को बेहतर और प्रभावी बनाया जाए।
केंद्र सरकार ने बताया कि India Meteorological Department (IMD) और Central Water Commission (CWC) ने बाढ़ और बारिश के पूर्वानुमान की अवधि को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन कर दिया है। साथ ही हीटवेव पूर्वानुमान प्रणाली को भी और बेहतर बनाया गया है। सरकार का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार अब आपदा प्रबंधन को लेकर अधिक मजबूत और सक्रिय रणनीति अपनाने की दिशा में काम कर रही है।