650, 850 ml वाला खेल खत्म! सरकार ने खाद्य तेलों के लिए लागू किए स्टैंडर्ड पैक साइज़, अब सिर्फ इन साइज़ में मिलेगा तेल
Umang | Jun 06, 2026, 14:50 IST
खाद्य तेल खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों के लिए फिर से स्टैंडर्ड पैक साइज लागू करने का फैसला किया है। अब 650 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे पैकेट धीरे-धीरे बाजार से गायब हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और भ्रम खत्म होगा। आइए जानते हैं कि अब सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम ऑयल समेत प्रमुख खाद्य तेल किन-किन पैक साइज में उपलब्ध होंगे।
अब नहीं होगा पैकिंग का खेल
किराना दुकान पर तेल खरीदते समय अक्सर उपभोक्ता यह समझ ही नहीं पाते कि अलग-अलग ब्रांडों की कीमतों की सही तुलना कैसे करें। कहीं 850 एमएल या ग्राम का पैक मिलता है तो कहीं 900 एमएल या ग्राम का। देखने में ये पैकेट लगभग एक जैसे लगते हैं लेकिन मात्रा अलग होने के कारण असल कीमत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। अब केंद्र सरकार ने इस उलझन को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने प्रमुख खाद्य तेलों के लिए फिर से स्टैंडर्ड पैक साइज़ लागू करने का फैसला किया है। सरकार ने खाद्य तेल निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को नए नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया है। इसके बाद बाजार में मिलने वाले कई असामान्य आकार वाले पैक धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी, बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रामक पैकेजिंग पर रोक लगेगी।
नए नियम इन खाद्य तेलों पर लागू होंगे
• पाम ऑयल/पामोलीन
• सोयाबीन तेल
• सूरजमुखी तेल
• सरसों/रेपसीड तेल
• मूंगफली तेल
• तिल तेल
• राइस ब्रान ऑयल
• कपास बीज तेल
• मक्का (कॉर्न) तेल
• इनके मिश्रित तेल (ब्लेंडेड ऑयल)
सरकार ने खाद्य तेलों के लिए निम्न मानक पैक आकार तय किए हैं
• 200 ग्राम/200 मिलीलीटर
• 500 ग्राम/500 मिलीलीटर
• 1 किलोग्राम/1 लीटर
• 2 किलोग्राम/2 लीटर
• 3 किलोग्राम/3 लीटर
• 4 किलोग्राम/4 लीटर
• 5 किलोग्राम/5 लीटर
• 15 किलोग्राम/15 लीटर
• 20 किलोग्राम/20 लीटर
हालांकि 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से छोटे पैक पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
![जानिए अब किन साइज में मिलेगा खाद्य तेल]()
नए नियम लागू होने के बाद 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे गैर-मानक पैक बाजार से चरणबद्ध तरीके से हट जाएंगे। पिछले कुछ वर्षों में खाद्य तेल कंपनियों ने कीमतों को नियंत्रित रखने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए अलग-अलग आकार के पैक बाजार में उतारे थे। इससे उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक कीमत समझना मुश्किल हो गया था।
सरकार ने वर्ष 2023 में पैक आकारों को लेकर कंपनियों को अधिक स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद बाजार में विभिन्न आकारों वाले पैक तेजी से बढ़े। उपभोक्ता संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों का कहना था कि इससे ग्राहकों में भ्रम पैदा हो रहा था।
स्टैंडर्ड पैक साइज़ लागू होने से ग्राहक आसानी से अलग-अलग ब्रांडों की कीमतों की तुलना कर सकेंगे। असामान्य आकार वाले पैक उपभोक्ताओं को भ्रमित करते थे। अब एक लीटर और पांच लीटर जैसे स्पष्ट पैक आकार होने से खरीदारी अधिक पारदर्शी होगी।
इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) ने कहा कि गैर-स्टैंडर्ड पैक साइज़ की व्यवस्था उद्योग को लचीलापन देने के लिए शुरू की गई थी लेकिन समय के साथ इससे बाजार में अव्यवस्था बढ़ गई। एसोसिएशन के अनुसार स्टैंडर्डाइज्ड पैक आकारों की वापसी से खुदरा बाजार में व्यवस्था बहाल होगी और सभी कंपनियों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।
खाद्य तेल भारत की सबसे महत्वपूर्ण उपभोक्ता वस्तुओं में शामिल है। देश अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। आंकड़ों के अनुसार भारत में खाद्य तेल की खपत 2020-21 के 2.46 करोड़ टन से बढ़कर 2022-23 में 2.89 करोड़ टन तक पहुंच गई। वहीं 2025-26 में खाद्य तेल आयात 3 प्रतिशत बढ़कर 1.665 करोड़ टन हो गया। नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दशकों में भारत में प्रति व्यक्ति खाद्य तेल खपत लगभग दोगुनी होकर 19.7 किलोग्राम सालाना तक पहुंच गई है। पैक आकारों के स्टैंडर्डाइज्ड होने से उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिलेगी और खाद्य तेल बाजार में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने प्रमुख खाद्य तेलों के लिए फिर से स्टैंडर्ड पैक साइज़ लागू करने का फैसला किया है। सरकार ने खाद्य तेल निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को नए नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया है। इसके बाद बाजार में मिलने वाले कई असामान्य आकार वाले पैक धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी, बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रामक पैकेजिंग पर रोक लगेगी।
किन खाद्य तेलों पर लागू होगा नियम?
• पाम ऑयल/पामोलीन
• सोयाबीन तेल
• सूरजमुखी तेल
• सरसों/रेपसीड तेल
• मूंगफली तेल
• तिल तेल
• राइस ब्रान ऑयल
• कपास बीज तेल
• मक्का (कॉर्न) तेल
• इनके मिश्रित तेल (ब्लेंडेड ऑयल)
अब केवल इन पैक साइज में मिलेगा तेल
• 200 ग्राम/200 मिलीलीटर
• 500 ग्राम/500 मिलीलीटर
• 1 किलोग्राम/1 लीटर
• 2 किलोग्राम/2 लीटर
• 3 किलोग्राम/3 लीटर
• 4 किलोग्राम/4 लीटर
• 5 किलोग्राम/5 लीटर
• 15 किलोग्राम/15 लीटर
• 20 किलोग्राम/20 लीटर
हालांकि 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से छोटे पैक पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
जानिए अब किन साइज में मिलेगा खाद्य तेल