FY26 में ट्रैक्टर बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, देश में पहली बार सालभर में बिके 10 लाख से ज्यादा यूनिट, जानें किस कंपनी ने बेचे कितने ट्रैक्टर
Gaon Connection | Apr 11, 2026, 10:15 IST
वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने 10 लाख यूनिट बिक्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया। ग्रामीण मांग, जीएसटी में कमी और बेहतर कृषि उत्पादन ने इस वृद्धि को बढ़ावा दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्वराज, टीएएफई और एस्कॉर्ट्स कुबोटा जैसी कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया। नीतिगत समर्थन और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने उद्योग को आगे बढ़ाया।
FY26 में 10 लाख के पार पहुंची ट्रैक्टर की बिक्री
भारत में ट्रैक्टर उद्योग ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार 10 लाख यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत मांग, जीएसटी दर में कमी और बेहतर कृषि उत्पादन के चलते यह तेजी देखने को मिली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, FY26 में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री 10.50 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के 8.22 लाख यूनिट की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, कुल उद्योग बिक्री 11.60 लाख यूनिट रही, जो FY25 के 9.39 लाख यूनिट से 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। FADA ने ट्रैक्टर सेगमेंट को इस साल का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बताया और कहा कि खुदरा बिक्री ने पहली बार 10 लाख का आंकड़ा पार किया है।
कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर) 23.81 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रही, जो पिछले वर्ष 23.57 प्रतिशत थी। वहीं, इसकी स्वराज डिवीजन 18.76 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड, TAFE और एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड क्रमशः अगले स्थानों पर रहे।
चेन्नई स्थित TAFE लिमिटेड ने FY26 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए कुल 2,14,951 ट्रैक्टरों की बिक्री की। कंपनी ने घरेलू बाजार में भी रिकॉर्ड बिक्री हासिल की, जहां मैसी फर्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टर्स ब्रांड्स ने नई ऊंचाइयां छुईं। TAFE की वाइस चेयरमैन लक्ष्मी वेणु ने कहा कि यह वर्ष किसानों और ट्रैक्टर उद्योग दोनों के लिए सकारात्मक रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में मशीनीकरण की पहुंच तेजी से बढ़ रही है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के अनुसार, मार्च 2026 में भी उद्योग में स्थिर गति बनी रही, जिसे ग्रामीण मांग और रबी फसल की कटाई से समर्थन मिला। हालांकि, हाल की बारिश से कुछ क्षेत्रों में कटाई में थोड़ी देरी हुई, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति सकारात्मक बनी हुई है।
सोर्स: फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन
विशेषज्ञों का मानना है कि नीतिगत समर्थन ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है। क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय के अनुसार, जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने से ट्रैक्टर खरीदना अधिक किफायती हुआ, जिससे नए खरीदारों की संख्या बढ़ी और रिप्लेसमेंट डिमांड भी मजबूत हुई। इसके अलावा, बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), मजबूत रबी उत्पादन, आसान कर्ज उपलब्धता और ट्रैक्टरों के गैर-कृषि उपयोग में वृद्धि ने भी मांग को बढ़ावा दिया।
हालांकि, आगे के लिए कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां उर्वरकों की आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अनुकूल मानसून की उम्मीदों के चलते ट्रैक्टर उद्योग का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।
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ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, कुल उद्योग बिक्री 11.60 लाख यूनिट रही, जो FY25 के 9.39 लाख यूनिट से 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। FADA ने ट्रैक्टर सेगमेंट को इस साल का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बताया और कहा कि खुदरा बिक्री ने पहली बार 10 लाख का आंकड़ा पार किया है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा पहले स्थान पर
चेन्नई स्थित TAFE लिमिटेड ने FY26 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए कुल 2,14,951 ट्रैक्टरों की बिक्री की। कंपनी ने घरेलू बाजार में भी रिकॉर्ड बिक्री हासिल की, जहां मैसी फर्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टर्स ब्रांड्स ने नई ऊंचाइयां छुईं। TAFE की वाइस चेयरमैन लक्ष्मी वेणु ने कहा कि यह वर्ष किसानों और ट्रैक्टर उद्योग दोनों के लिए सकारात्मक रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में मशीनीकरण की पहुंच तेजी से बढ़ रही है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के अनुसार, मार्च 2026 में भी उद्योग में स्थिर गति बनी रही, जिसे ग्रामीण मांग और रबी फसल की कटाई से समर्थन मिला। हालांकि, हाल की बारिश से कुछ क्षेत्रों में कटाई में थोड़ी देरी हुई, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति सकारात्मक बनी हुई है।
| क्रमांक | कंपनी का नाम | FY26 बिक्री (यूनिट) | FY26 मार्केट शेयर | FY25 बिक्री (यूनिट) | FY25 मार्केट शेयर |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर) | 2,49,973 | 23.81% | 2,08,056 | 23.57% |
| 2 | महिंद्रा एंड महिंद्रा (स्वराज डिवीजन) | 1,96,975 | 18.76% | 1,65,565 | 18.75% |
| 3 | इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड | 1,34,030 | 12.76% | 1,15,162 | 13.04% |
| 4 | टेफे लिमिटेड (TAFE) | 1,18,326 | 11.27% | 99,257 | 11.24% |
| 5 | एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड | 1,14,468 | 10.90% | 87,631 | 9.93% |
| 6 | जॉन डियर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | 80,086 | 7.63% | 67,409 | 7.64% |
| 7 | आयशर ट्रैक्टर्स | 65,215 | 6.21% | 57,198 | 6.48% |
| 8 | CNH इंडस्ट्रियल (इंडिया) प्रा. लि. | 47,122 | 4.49% | 35,746 | 4.05% |
| 9 | अन्य कंपनियां | 43,882 | 4.18% | 46,801 | 5.30% |
| कुल | — | 10,50,077 | 100% | 8,82,825 | 100% |
बिक्री बढ़ने के पीछे के प्रमुख कारण
हालांकि, आगे के लिए कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां उर्वरकों की आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अनुकूल मानसून की उम्मीदों के चलते ट्रैक्टर उद्योग का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।
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