गंगा एक्सप्रेसवे पर 13 मई तक फ्री रहेगा सफर, नहीं लगेगा कोई टोल टैक्स, लोगों को मिलेगा हाई-स्पीड ड्राइव का नया अनुभव
Gaon Connection | May 02, 2026, 15:22 IST
उत्तर प्रदेश में मेरठ से प्रयागराज तक बना गंगा एक्सप्रेसवे अब सफर को अनुभव बनाएगा। सरकार ने 13 मई तक इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर टोल फ्री यात्रा की सुविधा दी है। इसका उद्देश्य लोगों को इस नई सुविधा से जोड़ना है। यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।
12 जिलों को जोड़ता है गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश में अब सफर सिर्फ दूरी तय करने का जरिया नहीं, बल्कि एक अनुभव बनने जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक फैले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर सरकार ने शुरुआती 15 दिनों तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया है। इसका मकसद सिर्फ राहत देना नहीं बल्कि आम लोगों को इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना भी हैताकि वे खुद इसकी रफ्तार, गुणवत्ता और सुविधाओं को महसूस कर सकें। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) द्वारा विकसित गंगा एक्सप्रेसवे करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गंगा एक्सप्रेसवे को 13 मई तक टोल फ्री रखा गया है। इस दौरान किसी भी वाहन से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि जब लोग बिना रुकावट और बिना खर्च इस एक्सप्रेसवे पर सफर करेंगे, तो न सिर्फ उनका भरोसा बढ़ेगा बल्कि वे इसे अपनी रोजमर्रा की यात्रा का हिस्सा भी बनाएंगे।
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है और कई जिलों को आपस में जोड़ता है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर महज साढ़े तीन साल में तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने का जरिया माना जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों से होकर गुजरता है। पहले इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लगते थे, लेकिन अब यह सफर 6 से 8 घंटे में पूरा हो रहा है। इससे पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और लोगों के साथ-साथ माल ढुलाई भी तेज हुई है।
एक्सप्रेसवे खुलने के पहले ही दिन लोगों का जबरदस्त रुझान देखने को मिला। महज 24 घंटों में हजारों वाहनों ने इस पर सफर किया, जिसमें मेरठ से बदायूं तक के पहले हिस्से पर ही करीब 8,000 गाड़ियां चलीं। इससे साफ है कि लोग इस नई सुविधा को अपनाने के लिए तैयार हैं और तेज, सुगम सफर का अनुभव लेना चाहते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। मेरठ में बैरियर-लेस टोल सिस्टम लगाया गया है, जहां गाड़ी को रोके बिना ही टोल कट जाएगा। साथ ही पूरे मार्ग पर सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है।