गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, 6-8 घंटे में तय होगा मेरठ से प्रयागराज तक का 594 KM का सफर, 1 लाख से अधिक किसानों ने दी है ज़मीन
Gaon Connection | Apr 29, 2026, 15:27 IST
उत्तर प्रदेश को गंगा एक्सप्रेसवे का बड़ा तोहफा मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। यह राज्य का सबसे लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इससे यात्रा का समय आधा हो गया है। कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश को आज बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तोहफा मिल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर दिया। मेरठ से प्रयागराज तक फैला 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य का सबसे लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर बन गया है। इसके शुरू होने से यात्रा समय लगभग आधा हो गया है और प्रदेश में कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) द्वारा विकसित गंगा एक्सप्रेसवे करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। यह छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह कॉरिडोर अब राज्य के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के रूप में तैयार हो चुका है।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों से होकर गुजरता है। पहले इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लगते थे, लेकिन अब यह सफर 6 से 8 घंटे में पूरा हो रहा है। इससे पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और लोगों के साथ-साथ माल ढुलाई भी तेज हुई है।
गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड और क्लोज्ड टोल सिस्टम वाला है। शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है, जहां जरूरत पड़ने पर वायुसेना के विमान लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं। एयरस्ट्रिप पर करीब 250 कैमरे लगाए गए हैं। यह एक्सप्रेसवे ट्रैफिक दबाव कम करने और ऑल-वेदर हाई-स्पीड यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए करीब 18,000 एकड़ जमीन किसानों से ली गई और 7,000 एकड़ जमीन इंडस्ट्रियल क्लस्टर व लॉजिस्टिक्स हब के लिए विकसित की जा रही है। इस एक्सप्रेसवे से निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि 12 जिलों के 1 लाख से अधिक किसानों के योगदान से यह परियोजना संभव हो सकी है और इससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।