ग्रामीण और ज़मीनी स्तर के क्रिएटर्स को बड़ा मौका! दिखाइए अपने जिले की संस्कृति और विरासत, सरकार देगी 5 लाख तक इनाम
Gaon Connection | Jul 21, 2026, 16:13 IST
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देशभर के डिजिटल क्रिएटर्स के लिए 'जेम्स ऑफ इंडिया (Gems of India) चैलेंज' का पायलट चरण शुरू किया है। इस पहल के तहत प्रतिभागी अपने जिले की संस्कृति, विरासत, पर्यटन और स्थानीय पहचान पर 1 से 3 मिनट के वीडियो बनाकर MyWAVES प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकेंगे। चयनित प्रतिभागियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार से 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। फिलहाल यह अभियान सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया है।
हर जिले की कहानी बनेगी डिजिटल पहचान
देश के अलग-अलग जिलों में छिपी संस्कृति, विरासत, पर्यटन और स्थानीय पहचान को डिजिटल दुनिया तक पहुँचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 'जेम्स ऑफ इंडिया (Gems of India) चैलेंज' के पायलट चरण की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के उभरते डिजिटल क्रिएटर्स को ऐसा मंच देना है, जहाँ वे अपने जिले की खासियत को वीडियो के माध्यम से देश और दुनिया के सामने पेश कर सकें। बेहतर वीडियो बनाने वाले प्रतिभागियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
यह चैलेंज MyWAVES प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को 1 से 3 मिनट का वीडियो बनाकर अपलोड करना होगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्रिएटर्स को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल नए कंटेंट क्रिएटर्स को पहचान दिलाएगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को भी व्यापक स्तर पर सामने लाएगी।
'जेम्स ऑफ इंडिया' चैलेंज के पायलट चरण के लिए प्रविष्टियाँ 1 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएँगी। इच्छुक प्रतिभागी MyWAVES प्लेटफॉर्म पर जाकर 1 से 3 मिनट का वीडियो अपलोड कर सकेंगे। फिलहाल इस पहल की शुरुआत इन क्षेत्रों में की जा रही है।
इस चैलेंज के तहत प्रतिभागियों को अपने जिले की उन खास बातों को वीडियो के माध्यम से दिखाना होगा, जो उसे दूसरे जिलों से अलग बनाती हैं। वीडियो में स्थानीय संस्कृति, लोक कला, पर्यटन स्थल, ऐतिहासिक धरोहर, पारंपरिक खान-पान, लोक उत्सव, प्राकृतिक सुंदरता और जिले की उपलब्धियों जैसे विषयों को शामिल किया जा सकता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा, "भारत के हर जिले में एक कहानी छिपी है जिसे सुनाए जाने का इंतजार है और 'जेम्स ऑफ इंडिया' हमारे रचनाकारों को इसे सुनाने का मंच प्रदान करता है। यह कार्यक्रम न केवल हमारे युवाओं की रचनात्मकता का जश्न मनाता है, बल्कि हमारे जिलों की असाधारण विविधता का भी जश्न मनाता है।"
इस पहल को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए यूट्यूब और मेटा भी इसमें भागीदार बने हैं। दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने-अपने क्रिएटर समुदाय के बीच इस चैलेंज का प्रचार करेंगे और नए कंटेंट क्रिएटर्स को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
इस प्रतियोगिता में विजेताओं को तीन स्तरों पर सम्मानित किया जाएगा।
यह चैलेंज MyWAVES प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को 1 से 3 मिनट का वीडियो बनाकर अपलोड करना होगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्रिएटर्स को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल नए कंटेंट क्रिएटर्स को पहचान दिलाएगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को भी व्यापक स्तर पर सामने लाएगी।
1 अगस्त से शुरू होगी एंट्री, इन 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों को मौका
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा और नगर हवेली
- दमन और दीव
- गोवा
- लद्दाख
अपने जिले की संस्कृति, विरासत और पर्यटन को दुनिया तक पहुँचाने का मिलेगा मौका
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा, "भारत के हर जिले में एक कहानी छिपी है जिसे सुनाए जाने का इंतजार है और 'जेम्स ऑफ इंडिया' हमारे रचनाकारों को इसे सुनाने का मंच प्रदान करता है। यह कार्यक्रम न केवल हमारे युवाओं की रचनात्मकता का जश्न मनाता है, बल्कि हमारे जिलों की असाधारण विविधता का भी जश्न मनाता है।"
इस पहल को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए यूट्यूब और मेटा भी इसमें भागीदार बने हैं। दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने-अपने क्रिएटर समुदाय के बीच इस चैलेंज का प्रचार करेंगे और नए कंटेंट क्रिएटर्स को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार, देशभर में होगा विस्तार
- जिला स्तर पर प्रत्येक जिले में अधिकतम 20 विजेताओं को 50 हजार रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा।
- राज्य स्तर पर हर जिले से चुने गए एक सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
- राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों से चयनित सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को 5 लाख रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा।