ड्रैगन फ्रूट की खेती पर मिलेगा 2.70 लाख रुपये तक का अनुदान, किसानों के लिए खुला आवेदन; ऐसे करें अप्लाई
Umang | Jun 01, 2026, 17:16 IST
ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए इस राज्य में किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.70 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत पहले वर्ष 1.62 लाख और दूसरे वर्ष 1.08 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। लाभार्थियों का चयन निर्धारित श्रेणियों के अनुसार किया जाएगा और अनुदान राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
ड्रैगन फ्रूट की खेती
अगर आप पारंपरिक खेती से हटकर ऐसी फसल उगाना चाहते हैं जिससे कम क्षेत्र में बेहतर कमाई हो सके तो यह खबर आपके लिए है। बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए ड्रैगन फ्रूट विकास योजना 2025-26 शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 2.70 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
यह योजना राज्य के 23 जिलों में लागू की गई है। इनमें अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा और सीवान जिले शामिल हैं।
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकार दो वर्षों में कुल 2.70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान देगी।
प्रथम वर्ष: 1,62,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
द्वितीय वर्ष: 1,08,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
कुल अनुदान: 2,70,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
हालांकि, अनुदान राशि से पौधरोपण सामग्री की लागत की कटौती की जाएगी। पौध सामग्री की उपलब्धता ई-निविदा के माध्यम से चयनित एजेंसी या आपूर्तिकर्ता द्वारा कराई जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक भूमि होनी चाहिए। इसी सीमा के भीतर अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
इस योजना का लाभ केवल रैयत (भूमि स्वामी) किसान ही ले सकते हैं। आवेदन के समय भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद देना अनिवार्य होगा। यदि भूमि दस्तावेज में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है, तो वंशावली भी संलग्न करनी होगी।
सरकार ने लाभार्थियों के चयन के लिए विभिन्न वर्गों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है।
सामान्य वर्ग: 78.537 प्रतिशत
अनुसूचित जाति (SC): 20 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति (ST): 1.463 प्रतिशत
इसके अलावा प्रत्येक वर्ग में 30 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
योजना के तहत स्वीकृत अनुदान राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसलिए आवेदन करने से पहले किसानों को अपने बैंक खाते और डीबीटी पंजीकरण की जानकारी की जांच करने की सलाह दी गई है।
ड्रैगन फ्रूट को देश की तेजी से लोकप्रिय होती बागवानी फसलों में गिना जाता है। इसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों को पारंपरिक फसलों की तुलना में बेहतर आय मिलने की संभावना रहती है। यही वजह है कि सरकार इसके क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा दे रही है।
इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले योजना की सभी शर्तों और दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है।
23 जिलों के किसान उठा सकते हैं योजना का लाभ
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए बिहार सरकार 2.70 लाख का अनुदान देगी@VijayKrSinhaBih@BametiBihar@IPRDBihar@AgriGoI pic.twitter.com/zyNiQ4UJhX
— Agriculture Department, Govt. of Bihar (@Agribih) June 1, 2026
कितना मिलेगा अनुदान?
प्रथम वर्ष: 1,62,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
द्वितीय वर्ष: 1,08,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
कुल अनुदान: 2,70,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
हालांकि, अनुदान राशि से पौधरोपण सामग्री की लागत की कटौती की जाएगी। पौध सामग्री की उपलब्धता ई-निविदा के माध्यम से चयनित एजेंसी या आपूर्तिकर्ता द्वारा कराई जाएगी।
कितनी भूमि पर मिलेगा लाभ?
कौन किसान कर सकते हैं आवेदन?
लाभार्थियों के चयन में आरक्षण का प्रावधान
सामान्य वर्ग: 78.537 प्रतिशत
अनुसूचित जाति (SC): 20 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति (ST): 1.463 प्रतिशत
इसके अलावा प्रत्येक वर्ग में 30 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।