Balanced Fertilizer Use Campaign: खाद के सही इस्तेमाल पर सरकार का बड़ा अभियान, लाखों किसानों तक पहुँची जानकारी
Gaon Connection | Apr 26, 2026, 15:45 IST
‘संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान’ के तहत किसानों को सही मात्रा, सही समय और सही खाद के इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। ICAR के अनुसार 24 अप्रैल 2026 तक यह अभियान लाखों किसानों तक पहुँच चुका है, जिससे मिट्टी की सेहत सुधारने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान के तहक किसानों को दी गई जानकारी
देशभर में किसानों को उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु बड़ा अभियान चलाया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और कृषि संस्थानों की पहल पर शुरू हुए संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान के तहत किसानों को सही मात्रा, सही समय और सही उर्वरक के इस्तेमाल का संदेश दिया गया। इस अभियान का उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है।
अभियान के तहत देशभर में हजारों जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण शिविर, प्रदर्शन और किसान बैठकों का आयोजन किया गया। पोस्टर, बैनर, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और रेडियो के जरिए किसानों तक जानकारी पहुंचाई गई। साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान से लाखों किसान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े, जिससे उर्वरकों के सही उपयोग को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल यूरिया या डीएपी पर अधिक निर्भरता से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है। इससे जमीन की उर्वरता घटती है, लागत बढ़ती है और उत्पादन पर असर पड़ता है। इसलिए किसानों को एनपीके के साथ सल्फर, जिंक, बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों और जैविक खाद के उपयोग की सलाह दी जा रही है।
अभियान के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर खाद डालने, खेत की जांच कराने, हरी खाद, गोबर खाद, वर्मी कंपोस्ट और जैव उर्वरकों को अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही पानी के साथ उर्वरक देने की तकनीक, ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन जैसी आधुनिक विधियों की भी जानकारी दी गई।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित उर्वरक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, उत्पादन बेहतर होता है और लंबे समय तक खेत उपजाऊ बने रहते हैं। यही कारण है कि अभियान का मुख्य संदेश रखा गया—स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध किसान, समृद्ध भारत। किसानों से अपील की गई है कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक डालें और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करें।
लाखों किसानों तक पहुँचा अभियान
खाद के सही इस्तेमाल पर सरकार का बड़ा अभियान