बिहार के किसानों के लिए बड़ी ख़बर! हल्दी-अदरक से प्याज़ तक खेती पर मिलेगा अनुदान, भंडारण के लिए 4.50 लाख रुपये तक सहायता
Mansi | Aug 21, 2026, 13:12 IST
बिहार सरकार ने सब्ज़ी और मसाला फसलों को बढ़ावा देने के लिए एक नई स्कीम शुरू की है। योजना के अंतर्गत, किसान हल्दी, अदरक, प्याज़, टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती पर अनुदान प्राप्त कर सकेंगे। प्याज़ की फसल उगाने वाले किसानों के लिए भंडारण की सुविधा को लेकर भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण निर्माण पर अनुदान उपलब्ध होगा।
सब्ज़ी-मसाला खेती और प्याज़ भंडारण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिलेगा अनुदान
बिहार में सब्ज़ी और मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 28.20 करोड़ रुपये से अधिक की योजना के तहत किसानों को अनुदान दिया जाएगा। हल्दी, अदरक और प्याज़ की खेती के साथ हाइब्रिड टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
बिहार के किसानों के लिए योजना का एक अहम हिस्सा प्याज़ भंडारण भी है। 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज़ भंडारण के निर्माण पर किसानों को 4.50 लाख रुपये तक डीबीटी अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम 75 प्रतिशत सहायता के साथ प्रति कृषक परिवार एक भंडारण संरचना का लाभ लेने का प्रावधान है।
योजना के तहत हल्दी और अदरक जैसी मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को इन फसलों की खेती पर 40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य मसाला फसलों का क्षेत्र बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत हाइब्रिड टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी जैसी सब्ज़ियों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सब्ज़ी उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्याज़ की खेती करने वाले किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्याज़ की खेती पर 20,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान है। प्याज़ किसानों के लिए उत्पादन के साथ उसका भंडारण भी बड़ी चुनौती है। बाज़ार में कीमत कम होने पर किसान कई बार उपज को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख पाते। ऐसे में भंडारण सुविधा मिलने से किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे। किसानों को अपनी प्याज़ की उपज सुरक्षित रखने के लिए 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण के निर्माण पर 4.50 लाख रुपये तक डीबीटी अनुदान मिलेगा। 6 लाख रुपये की इकाई लागत पर अधिकतम 75% सहायता का प्रावधान है।
इस सुविधा का लाभ प्रति कृषक परिवार अधिकतम एक भंडारण संरचना के लिए लिया जा सकेगा। इससे किसान कटाई के बाद प्याज़ को सुरक्षित रख सकेंगे और बाज़ार की स्थिति के अनुसार बिक्री का फ़ैसला कर सकेंगे।
दी गई जानकारी के अनुसार, किसान डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण और बिहार कृषि ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन से पहले किसानों को योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़ और अपने ज़िले में लागू दिशा-निर्देशों की जानकारी ज़रूर देखनी चाहिए। यह योजना बिहार में सब्ज़ी और मसाला फसलों के उत्पादन के साथ-साथ प्याज़ के भंडारण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। किसानों के लिए इसका बड़ा फ़ायदा यह हो सकता है कि उन्हें खेती के साथ अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए भी सहायता मिलेगी।
बिहार के किसानों के लिए योजना का एक अहम हिस्सा प्याज़ भंडारण भी है। 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज़ भंडारण के निर्माण पर किसानों को 4.50 लाख रुपये तक डीबीटी अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम 75 प्रतिशत सहायता के साथ प्रति कृषक परिवार एक भंडारण संरचना का लाभ लेने का प्रावधान है।
हल्दी और अदरक की खेती पर 40 हजार रुपये तक अनुदान
योजना के तहत हाइब्रिड टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी जैसी सब्ज़ियों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सब्ज़ी उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
50 मीट्रिक टन प्याज़ भंडारण पर 4.50 लाख रुपये तक अनुदान
इस सुविधा का लाभ प्रति कृषक परिवार अधिकतम एक भंडारण संरचना के लिए लिया जा सकेगा। इससे किसान कटाई के बाद प्याज़ को सुरक्षित रख सकेंगे और बाज़ार की स्थिति के अनुसार बिक्री का फ़ैसला कर सकेंगे।