बिहार में मखाना किसानों को सौगात! ऑटोमैटिक पॉपिंग मशीन के लिए 5 लाख रुपये तक मिलेगा अनुदान; जानें मशीन की खूबियाँ
Umang | Aug 07, 2026, 18:28 IST
बिहार सरकार मखाना की खेती और प्रोसेसिंग को आधुनिक बना रही है। ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन पर अनुदान योजना शुरू की गई है। इससे मखाना की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत और अन्य को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
मखाना उद्योग को बढ़ावा
बिहार सरकार मखाना की खेती के साथ-साथ उसकी प्रोसेसिंग को भी आधुनिक बनाने पर ज़ोर दे रही है। इसी कड़ी में उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग ने ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन पर अनुदान देने की योजना शुरू की है। सरकार का कहना है कि इस मशीन के इस्तेमाल से मखाना की गुणवत्ता बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों व उद्यमियों की आय में भी इज़ाफ़ा होगा। विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा है कि "तकनीक बनेगी तरक्की की पहचान। ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन के साथ बढ़ाएँ उत्पादन, सुधारें गुणवत्ता और पाएं आकर्षक अनुदान का लाभ।"
सरकार के अनुसार यह मशीन प्रति घंटे 20 किलोग्राम या उससे अधिक मखाना पॉप करने की क्षमता रखती है। मशीन से साफ़ और स्वच्छ तरीके से पॉपिंग होती है, कम मेहनत में अधिक उत्पादन मिलता है, ऊर्जा की बचत होती है और एक समान गुणवत्ता वाला मखाना तैयार होता है। योजना का उद्देश्य मखाना उत्पादन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना और बिहार के मखाना उद्योग को मज़बूत करना है।
उद्यान निदेशालय के अनुसार ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन पर अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग अनुदान तय किया गया है।
सरकार के अनुसार ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन की उत्पादन क्षमता 20 किलोग्राम प्रति घंटा या उससे अधिक है। इससे स्वच्छ और हाइजीनिक पॉपिंग होती है, मशीन पूरी तरह ऑटोमैटिक तरीके से काम करती है, जिससे कम मेहनत में अधिक उत्पादन संभव होता है। इसके अलावा ऊर्जा की बचत होती है और बेहतर गुणवत्ता के एक समान मखाने तैयार किए जा सकते हैं। विभाग ने अधिक जानकारी के लिए किसानों को उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार से संपर्क करने की सलाह दी है।
ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन योजना के अलावा बिहार सरकार मखाना क्षेत्र के लिए कई योजनाएँ चला रही है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) के तहत 16 जिलों में मखाना की खेती का विस्तार, उन्नत बीज उत्पादन, बीज वितरण और पारंपरिक उपकरण किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार की मखाना योजनाओं के तहत किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। वहीं, कृषि यंत्रीकरण पोर्टल पर भी मखाना पॉपिंग मशीन को कृषि यंत्रों की सूची में शामिल किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार यह मशीन प्रति घंटे 20 किलोग्राम या उससे अधिक मखाना पॉप करने की क्षमता रखती है। मशीन से साफ़ और स्वच्छ तरीके से पॉपिंग होती है, कम मेहनत में अधिक उत्पादन मिलता है, ऊर्जा की बचत होती है और एक समान गुणवत्ता वाला मखाना तैयार होता है। योजना का उद्देश्य मखाना उत्पादन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना और बिहार के मखाना उद्योग को मज़बूत करना है।
किसे कितना मिलेगा अनुदान
- सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को मशीन की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अधिकतम अनुदान राशि 4 लाख रुपये होगी।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इनके लिए अधिकतम अनुदान राशि 5 लाख रुपये तय की गई है।
मशीन की क्या हैं खूबियाँ
तकनीक बनेगी तरक्की की पहचान!
— Directorate Of Horticulture, Deptt of Agri, Bihar (@HorticultureBih) August 7, 2026
ऑटोमैटिक मखाना पॉपिंग मशीन के साथ बढ़ाएँ उत्पादन, सुधारें गुणवत्ता और पाएं आकर्षक अनुदान का लाभ।#makhana #horticulture #agriculture pic.twitter.com/pGuFIEE83S