मसालों की गुणवत्ता सुधारने और उत्पादन बढ़ाने के लिए मिलेगी सरकारी मदद, मसाला बोर्ड ने किसानों और एफपीओ से माँगे आवेदन
Gaon Connection | Jul 02, 2026, 13:38 IST
भारत सरकार के मसाला बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए एसपीआईसीईडी योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना का लाभ किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), निर्यातक और मसाला क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक ले सकते हैं। योजना के तहत इलायची की उत्पादकता बढ़ाने, मसालों की गुणवत्ता सुधारने, निर्यात बढ़ाने और कौशल विकास जैसी गतिविधियों के लिए सहायता दी जाएगी।
मसाला बोर्ड की योजना में करें आवेदन
मसालों की खेती करने वाले किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और मसाला निर्यातकों के लिए अच्छी ख़बर है। भारत सरकार के मसाला बोर्ड (स्पाइसेस बोर्ड) ने वर्ष 2026-27 के लिए एसपीआईसीईडी (SPICED) योजना के तहत विभिन्न कार्यक्रमों में सहायता देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। पात्र किसान, एफपीओ, निर्यातक और मसाला क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक तय समय-सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
मसाला बोर्ड के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य मसालों का उत्पादन बढ़ाना, गुणवत्ता में सुधार करना, निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों समेत मसाला क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही मसालों की खेती से लेकर कटाई के बाद की प्रक्रिया और निर्यात तक कई गतिविधियों के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मसाला बोर्ड एसपीआईसीईडी (Sustainability in Spice Sector through Progressive, Innovative and Collaborative Interventions for Export Development) योजना लागू कर रहा है। यह योजना 15वें वित्त आयोग की अवधि में वित्त वर्ष 2025-26 तक लागू थी। अब इसे 30 सितंबर तक या 16वें वित्त आयोग के लिए प्रस्तावित नई योजना को मंज़ूरी मिलने तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दिया गया है।
योजना के तहत छोटी और बड़ी इलायची की खेती का रकबा बढ़ाने, उत्पादन में सुधार करने, कटाई के बाद मसालों की गुणवत्ता बेहतर बनाने, निर्यात योग्य मसालों का उत्पादन बढ़ाने, मूल्यवर्धित मसालों के निर्यात को बढ़ावा देने, निर्यात होने वाले मसालों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जाँच करने के साथ-साथ किसानों और अन्य हितधारकों के कौशल विकास तथा क्षमता निर्माण के लिए सहायता दी जाएगी।
मसाला बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए एसपीआईसीईडी योजना के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत पात्र किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निर्यातकों और मसाला क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया और योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी मसाला बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट indianspices. com पर उपलब्ध है।
मसाला बोर्ड के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य मसालों का उत्पादन बढ़ाना, गुणवत्ता में सुधार करना, निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों समेत मसाला क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही मसालों की खेती से लेकर कटाई के बाद की प्रक्रिया और निर्यात तक कई गतिविधियों के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इलायची से लेकर निर्यात तक कई गतिविधियों पर मिलेगी सहायता
योजना के तहत छोटी और बड़ी इलायची की खेती का रकबा बढ़ाने, उत्पादन में सुधार करने, कटाई के बाद मसालों की गुणवत्ता बेहतर बनाने, निर्यात योग्य मसालों का उत्पादन बढ़ाने, मूल्यवर्धित मसालों के निर्यात को बढ़ावा देने, निर्यात होने वाले मसालों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जाँच करने के साथ-साथ किसानों और अन्य हितधारकों के कौशल विकास तथा क्षमता निर्माण के लिए सहायता दी जाएगी।
किसान, एफपीओ और निर्यातक कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया और योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी मसाला बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट indianspices. com पर उपलब्ध है।