सिर्फ़ 2 दिन बाकी! ट्रैक्टर, ड्रोन समेत इन कृषि यंत्रों पर यूपी में 40% से 80% तक सब्सिडी लेने का मौका, ऐसे करें आवेदन

Umang | Aug 08, 2026, 11:15 IST
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उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों और उपकरणों पर 40% से 80% तक सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। इसके तहत फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि ड्रोन और फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) उपकरणों की ऑनलाइन बुकिंग 10 अगस्त 2026 तक की जा सकती है। पात्र किसानों का चयन "पहले आओ, पहले पाओ" या ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से होगा। सत्यापन के बाद अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

कृषि यंत्र खरीदने का सबसे अच्छा मौका!
कृषि यंत्र खरीदने का सबसे अच्छा मौका!
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर सरकारी अनुदान का लाभ उठाने का समय अब तेज़ी से ख़त्म हो रहा है। राज्य सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत विभिन्न कृषि यंत्रों और उपकरणों पर 40% से 80% तक सब्सिडी पाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 तय की गई है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उनके पास केवल कुछ ही दिन बचे हैं। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना, खेती की लागत कम करना और उनकी आय बढ़ाना है।

कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2026-27 में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइज़ेशन (SMAM) योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि ड्रोन, अन्य कृषि यंत्र तथा फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) उपकरणों पर अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 10 अगस्त 2026 की रात 12 बजे के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएँगे।

किन कृषि यंत्रों पर मिल रहा है अनुदान?

कृषि विभाग के अनुसार योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि ड्रोन, विभिन्न कृषि यंत्र और फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) उपकरणों पर अनुदान दिया जा रहा है। व्यक्तिगत श्रेणी के बड़े किसानों को 40% तक सब्सिडी मिलेगी। वहीं छोटे और सीमांत किसान, महिला किसान तथा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को 50% तक अनुदान का लाभ मिलेगा। इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (FPO) और स्वयं सहायता समूहों (SHG) को संबंधित योजनाओं के तहत 80% तक सब्सिडी का प्रावधान है।

आवेदन और चयन की प्रक्रिया क्या है?

कृषि विभाग के अनुसार, किसान 10 अगस्त तक कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। जिन कृषि यंत्रों पर 10 हज़ार रुपये से कम सब्सिडी मिलती है, उनका आवंटन "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर किया जाएगा। वहीं अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए यदि निर्धारित लक्ष्य से ज़्यादा आवेदन आते हैं तो लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। चयन के बाद किसान को एक महीने के भीतर कृषि यंत्र खरीदकर उसका बिल और बैंक लेनदेन का प्रमाण पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सत्यापन के बाद अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

आवेदन के लिए क्या शर्तें और ज़रूरी दस्तावेज़ हैं?

योजना का लाभ लेने के लिए किसान का कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। यदि किसान पहले से पंजीकृत नहीं हैं तो वे खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की मदद से नया पंजीकरण करा सकते हैं। विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार एक मोबाइल नंबर या परिवार के एक ब्लड रिलेशन सदस्य के नाम से केवल एक ही आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा कृषि यंत्र की श्रेणी के अनुसार सुरक्षा राशि भी जमा करनी होगी। 10,001 रुपये से 1 लाख रुपये तक अनुदान वाले यंत्रों के लिए 2,500 रुपये और 1 लाख रुपये से अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए 5,000 रुपये की जमानत राशि निर्धारित की गई है।

इस योजना से किसानों को क्या फ़ायदा होगा?

कृषि विभाग का कहना है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से खेती के कार्यों में दक्षता बढ़ेगी, समय और लागत दोनों की बचत होगी तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। फसल अवशेष प्रबंधन उपकरणों से पराली प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, जबकि कृषि ड्रोन और आधुनिक मशीनों के उपयोग से खेती अधिक वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनेगी। योजना से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
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