पंजाब, राजस्थान के बाद हरियाणा में गहराया भूजल संकट, तीनों राज्य देश में सबसे ज्यादा प्रभावित, NGT में पेश हुआ चौंकाने वाला डेटा

Preeti Nahar | May 03, 2026, 13:38 IST
Share
देश में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। हरियाणा अब भूजल संकट झेलने वाला तीसरा राज्य बन गया है। इस राज्य की 88 आकलन इकाइयां ओवरएक्सप्लॉइटेड हैं। पंजाब और राजस्थान की स्थिति भी चिंताजनक है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस पर चिंता जताई और अवैध भूजल दोहन रोकने के निर्देश दिए।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भूजल संकट
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भूजल संकट
देश में लगातार गिरते भूजल स्तर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है और अब हरियाणा को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) की तरफ से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को दी गई जानकारी के मुताबिक हरियाणा देश का तीसरा सबसे अधिक भूजल संकट झेलने वाला राज्य बन गया है। राज्य के 88 आकलन इकाइयों (assessment units) को ‘ओवरएक्सप्लॉइटेड’ श्रेणी में रखा गया है, यानी यहाँ भूजल का इस्तेमाल उसकी उपलब्धता से कहीं ज्यादा हो रहा है। यह राज्य की कुल भूजल इकाइयों का 61.5 प्रतिशत है।

पंजाब और राजस्थान की स्थिति भी गंभीर

किसानों के लिए पानी संकट
किसानों के लिए पानी संकट
रिपोर्ट के अनुसार भूजल दोहन के मामले में पंजाब सबसे ऊपर है, जहां 115 इकाइयां ओवरएक्सप्लॉइटेड हैं और यह कुल का 75.2 प्रतिशत है। इसके बाद राजस्थान का स्थान है, जहां 214 इकाइयां ओवरएक्सप्लॉइटेड हैं, जो कुल का 70.9 प्रतिशत है। हरियाणा इसके बाद तीसरे स्थान पर है।

इसके अलावा अन्य राज्यों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है:

  1. उत्तर प्रदेश: 59 इकाइयां (7.1%)
  2. दिल्ली: 14 इकाइयां (41.1%)
  3. तमिलनाडु: 106 इकाइयां (33.9%)
  4. कर्नाटक: 45 इकाइयां (19%)
यह आंकड़े बताते हैं कि देश के कई राज्यों में भूजल संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

NGT ने जताई चिंता

सिंचाई के लिए पानी की कमी
सिंचाई के लिए पानी की कमी
NGT में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि देशभर में भूजल संकट को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अदालत ने यह भी कहा कि अवैध भूजल दोहन रोकने और भूजल पुनर्भरण (recharge) सुनिश्चित करने में कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश विफल रहे हैं। NGT ने यह भी स्पष्ट किया कि जल शक्ति मंत्रालय ने भूजल प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की थी, लेकिन कई जगहों पर उनका प्रभावी तरीके से पालन नहीं हुआ।

हरियाणा में सबसे ज्यादा नोटिस

हरियाणा सरकार ने NGT को बताया कि 27 नवंबर 2025 तक राज्य में उद्योगों, रेस्तरां, ढाबों, बैंक्वेट हॉल, रिसॉर्ट्स और RO प्लांट्स को नियमों के उल्लंघन के लिए 1,850 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। इनमें से:

  1. 413 मामलों का निपटारा किया गया
  2. लगभग 155 इकाइयों ने अनुपालन किया
  3. करीब 100 अवैध ट्यूबवेल स्वेच्छा से बंद किए गए
  4. लगभग 100 मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की गई
पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 4.88 करोड़ रुपये भी वसूले गए।

आगे क्या?

पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण जीवन पर पड़ सकता है बड़ा असर
पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण जीवन पर पड़ सकता है बड़ा असर
NGT ने भूजल संकट को गंभीर बताते हुए राज्यों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अधिक दोहन वाले क्षेत्रों की पहचान, अवैध बोरवेल पर कार्रवाई और वर्षा जल संचयन जैसे उपायों को तेज करने की जरूरत बताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में खेती, पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण जीवन पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए भूजल संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है।
Tags:
  • Groundwater Crisis Haryana
  • भूजल संकट हरियाणा
  • NGT Groundwater Report
  • groundwater depletion in India
  • NGT groundwater report
  • CGWA groundwater data
  • Haryana water crisis news
  • Punjab groundwater overexploitation
  • Rajasthan groundwater depletion
  • illegal borewell extraction