Weather Update: 17 मई से बढ़ेगा गर्मी का सितम, अगले 5 दिनों में लू का अलर्ट; कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार
Preeti Nahar | May 17, 2026, 11:22 IST
उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। अगले 4-5 दिनों तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप रहेगा। कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने हीटवेव अलर्ट जारी किया है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी गई है।
यूपी में दिन का तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक
उत्तर प्रदेश में अब मौसम तेजी से करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों की हल्की राहत के बाद प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का दौर शुरू होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 17 मई से अगले 4-5 दिनों तक तापमान लगातार बढ़ेगा और कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, नोएडा और बुंदेलखंड के जिलों में दोपहर के समय तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और मध्य यूपी में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, जबकि रात में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्के बादल और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना जरूर जताई गई है, लेकिन इससे तापमान में बड़ी गिरावट नहीं आएगी। वहीं, आर्द्रता बढ़ने से उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
IMD ने उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। खासकर पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्र में लू की स्थिति गंभीर हो सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और खाली पेट धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
इस बीच मानसून को लेकर भी अच्छी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान-निकोबार क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना शुरू कर दिया है और इसके 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। अगर मानसून की रफ्तार सामान्य रही, तो उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री करीब 18 जून के आसपास हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य से बेहतर रहने के संकेत मिल रहे हैं।
तेज गर्मी और सूखी हवाओं को देखते हुए किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई बनाए रखने की सलाह दी गई है। पशुओं को दिन में छांव और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना जरूरी होगा। वहीं, आम और सब्जी की फसलों में गर्म हवा से नुकसान की आशंका भी जताई गई है।