मध्य भारत में अगले 48 घंटे भारी बारिश, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आया गहरा दबाव बना बड़ी वजह
Gaon Connection | Jul 29, 2026, 17:24 IST
आईएमडी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बना गहरा दबाव का क्षेत्र ज़मीन पर आने के बाद भी सक्रिय है और अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा पूर्वी गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकता है। कई राज्यों में बाढ़, जलभराव और फ्लैश फ़्लड का ख़तरा बढ़ गया है।
बंगाल की खाड़ी में बना दबाव
मध्य भारत में मानसून एक बार फिर तेज़ हो गया है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी से बना गहरे दबाव का क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) ज़मीन पर आने के बाद भी कमज़ोर नहीं पड़ा है। आमतौर पर ऐसे सिस्टम ज़मीन पर पहुँचने के बाद धीरे-धीरे अपनी ताकत खो देते हैं, लेकिन यह सिस्टम अब भी पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और मध्य भारत के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश करा रहा है।
अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ और पूर्वी गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम पश्चिम की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से इसके रास्ते में आने वाले इलाकों में लंबे समय तक तेज़ बारिश जारी रह सकती है। इससे बाढ़, जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने का ख़तरा बढ़ गया है।
आईएमडी के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे गहरे दबाव का केंद्र उत्तर आंतरिक ओडिशा तथा उससे लगे दक्षिण झारखंड और छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित था। यह झारसुगुड़ा से लगभग 10 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, संबलपुर से 50 किलोमीटर उत्तर, रायगढ़ से 60 किलोमीटर पूर्व, राउरकेला से 100 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और बिलासपुर से 190 किलोमीटर पूर्व में था।
मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम महाराष्ट्र और उससे लगे मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। जगदलपुर, कांकेर, उमरकोट, रायपुर, बलांगीर, बसना, गोंदिया, बिलासपुर और मंडला जैसे शहरों में बारिश का असर अधिक रहने की आशंका है।
आईएमडी के अनुसार, गहरा दबाव अगले 24 घंटों तक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए लगभग सीधे पश्चिम की ओर बढ़ेगा। इसकी रफ़्तार धीमी रहने के कारण जिन इलाकों से यह गुज़रेगा, वहाँ लंबे समय तक तेज़ बारिश जारी रह सकती है। यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ अरब सागर से भी लगातार नमी खींच रहा है, जिससे बारिश का दौर बना हुआ है।
बुधवार को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में बुधवार और गुरुवार, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में गुरुवार को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश झेल रहे पूर्वी गुजरात में भी बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बुधवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और नागालैंड के लिए वर्षा अलर्ट जारी किया गया है तथा निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका व्यक्त की गई है।
आईएमडी ने बताया कि मानसून की द्रोणिका (ट्रफ़) राजस्थान के अनूपगढ़ और पिलानी, मध्य प्रदेश के सतना, गहरे दबाव के केंद्र तथा ओडिशा के पुरी से होकर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। यही द्रोणिका उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में लगातार नमी पहुँचाकर व्यापक बारिश करा रही है।
इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्व असम के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी मानसूनी हवाओं को मज़बूती दे रहे हैं। वहीं, मुदकी, लुधियाना, चंडीगढ़ और जोशीमठ तक फैला पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के ट्रफ़ के रूप में सक्रिय है, जो नमी से भरी हवाओं को ऊपर उठाकर बादलों का तेज़ी से विकास कर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि गहरे दबाव के जल्द कमज़ोर पड़ने के संकेत नहीं हैं, इसलिए मध्य भारत के बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, फ्लैश फ़्लड, जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने का ख़तरा बना रहेगा।
अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ और पूर्वी गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम पश्चिम की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से इसके रास्ते में आने वाले इलाकों में लंबे समय तक तेज़ बारिश जारी रह सकती है। इससे बाढ़, जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने का ख़तरा बढ़ गया है।
गहरे दबाव का क्षेत्र कहाँ पहुँचा, किन इलाकों में होगी सबसे ज़्यादा बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम महाराष्ट्र और उससे लगे मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। जगदलपुर, कांकेर, उमरकोट, रायपुर, बलांगीर, बसना, गोंदिया, बिलासपुर और मंडला जैसे शहरों में बारिश का असर अधिक रहने की आशंका है।
दो दिन तक भारी से बहुत भारी बारिश, कई राज्यों में बाढ़ का ख़तरा
बुधवार को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में बुधवार और गुरुवार, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में गुरुवार को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश झेल रहे पूर्वी गुजरात में भी बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बुधवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और नागालैंड के लिए वर्षा अलर्ट जारी किया गया है तथा निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका व्यक्त की गई है।
मानसून की अनुकूल स्थिति से मिल रही ताकत, कई मौसमीय सिस्टम भी सक्रिय
इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्व असम के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी मानसूनी हवाओं को मज़बूती दे रहे हैं। वहीं, मुदकी, लुधियाना, चंडीगढ़ और जोशीमठ तक फैला पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के ट्रफ़ के रूप में सक्रिय है, जो नमी से भरी हवाओं को ऊपर उठाकर बादलों का तेज़ी से विकास कर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि गहरे दबाव के जल्द कमज़ोर पड़ने के संकेत नहीं हैं, इसलिए मध्य भारत के बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, फ्लैश फ़्लड, जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने का ख़तरा बना रहेगा।