हर गाँव तक हाई-स्पीड इंटरनेट 1.5 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन, जानिए ग्रामीणों को क्या होगा फायदा
Mansi | Jul 30, 2026, 14:07 IST
ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट का उपयोग बढ़ता जा रहा है, जो नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 और भारतनेट की मदद से हुआ है। इसका उद्देश्य लगभग 2.65 लाख ग्राम पंचायतों को तेज़ इंटरनेट से जोड़ना है। साथ ही, दूरसंचार क्षेत्र में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाकर पर्यावरण की रक्षा की जा रही है। इस डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण विकास को नया आयाम मिल रहा है।
डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ता भारत
ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं की पहुँच लगातार बढ़ रही है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार से अब गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक पहुँच पहले की तुलना में आसान होती जा रही है। संसद में सरकार ने जानकारी दी है कि वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही ब्रॉडबैंड नेटवर्क और डिजिटल बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में भी कई परियोजनाओं पर तेज़ी से काम किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 और भारतनेट जैसी योजनाओं के माध्यम से दूर-दराज़ के गाँवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच मौजूद डिजिटल अंतर को कम करना भी है।
लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट पैठ बढ़कर प्रति 100 आबादी पर 48.31 हो गई है, जबकि इससे पहले यह 45.03 थी। यह दर्शाता है कि अब पहले की तुलना में अधिक ग्रामीण परिवार डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक देश में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की औसत डाउनलोड गति 60.85 एमबीपीएस तक पहुँच गई है। इसके साथ ही स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आँगनवाड़ी केंद्रों और पंचायत कार्यालयों सहित 21.82 लाख से अधिक संस्थानों को ब्रॉडबैंड सुविधा से जोड़ा जा चुका है।
सरकार ने बताया कि नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 का लक्ष्य देशभर में मज़बूत डिजिटल बुनियादी ढाँचा तैयार करना है, ताकि हर क्षेत्र तक तेज़ इंटरनेट सुविधा पहुँच सके। इसके माध्यम से डिजिटल असमानता कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन सेवाओं की पहुँच बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।
सरकार की योजना के तहत लगभग 2.65 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, माँग के आधार पर करीब 3.8 लाख गैर-ग्राम पंचायत गाँवों तक भी फाइबर कनेक्टिविटी पहुँचाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में 1.5 करोड़ फाइबर कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। भारतनेट परियोजना के तहत जून 2026 तक 43,908 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। इसी योजना के अंतर्गत 13,494 ग्राम पंचायतों को उन्नत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी इंटरनेट सुविधा का विस्तार होगा।
मोबाइल टावर और दूरसंचार नेटवर्क से जुड़ी मंजूरियों की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज़ हुई है। जहाँ पहले औसतन 80.63 दिन लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर 35.62 दिन रह गया है। इससे नए नेटवर्क के विस्तार में तेजी आने की उम्मीद है।
दूरसंचार क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मोबाइल टावरों में सौर और अन्य टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। ऐसे टावरों की हिस्सेदारी बढ़कर 11.44 प्रतिशत हो गई है। साथ ही सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एकीकृत डिजिटल पोर्टल से जोड़ने के बाद नेटवर्क विस्तार से जुड़ी अनुमति प्रक्रियाएँ भी अधिक सरल हो गई हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों को मौसम, मंडी भाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर मिल सकेगी। वहीं विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, ग्रामीण उद्यमियों को डिजिटल कारोबार और आम लोगों को बैंकिंग व सरकारी सेवाओं का लाभ गाँव में ही आसानी से उपलब्ध होगा। ऐसे में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 और भारतनेट जैसी योजनाओं के माध्यम से दूर-दराज़ के गाँवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच मौजूद डिजिटल अंतर को कम करना भी है।
ग्रामीण इंटरनेट पहुँच में कितनी बढ़ोतरी हुई?
नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 का उद्देश्य
क्या सभी ग्राम पंचायतों तक पहुँचेगा फाइबर नेटवर्क?
मोबाइल टावर और दूरसंचार नेटवर्क से जुड़ी मंजूरियों की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज़ हुई है। जहाँ पहले औसतन 80.63 दिन लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर 35.62 दिन रह गया है। इससे नए नेटवर्क के विस्तार में तेजी आने की उम्मीद है।