MSP Rate: इस राज्य में जौ और कच्ची हल्दी की MSP में हुई बड़ी बढ़ोतरी, जानिए हल्दी और जौ के नए रेट

Preeti Nahar | May 10, 2026, 18:22 IST
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किसानों के समर्पण को मान्यता देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पांगी घाटी में जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसी प्रकार, पूरे राज्य में कच्ची हल्दी का MSP 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।
हिमाचल के पांगी घाटी में हल्दी की खेती
हिमाचल के पांगी घाटी में हल्दी की खेती

Himachal Pradesh सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने घोषणा की है कि पांगी घाटी में उगाई जाने वाली जौ और पूरे राज्य में उत्पादित कच्ची हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी फसलों का बेहतर दाम मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पांगी घाटी की जौ पर बढ़ा MSP

जौ की खेती करती महिला किसान
जौ की खेती करती महिला किसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि Pangi Valley में उगाई जाने वाली जौ का MSP 60 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। यह फैसला उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जो कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में खेती करते हैं। पांगी घाटी के किसान लंबे समय से बेहतर दाम की मांग कर रहे थे।

कच्ची हल्दी के दाम में बड़ी बढ़ोतरी

हल्दी की खेती
हल्दी की खेती
राज्य सरकार ने पूरे हिमाचल में कच्ची हल्दी की MSP भी बढ़ाई है। पहले किसानों को कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलोग्राम मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी हल्दी उत्पादक किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ समय से लागत बढ़ने के कारण किसानों की चिंता बढ़ रही थी।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

हिमाचल में खेती की तस्वीर
हिमाचल में खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि किसान अपनी मेहनत और समर्पण से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक व्यवस्था भी काफी हद तक खेती पर निर्भर करती है। इसी वजह से सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि खेती केवल गुजारे का साधन न रह जाए, बल्कि यह किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बने।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

MSP बढ़ने से किसानों को बेहतर आय मिलेगी, जिससे ग्रामीण बाजारों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। खासकर पांगी घाटी जैसे दूरदराज इलाकों में यह फैसला किसानों के लिए काफी अहम साबित हो सकता है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे, ताकि कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जा सके।
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