सरकार ने चीनी कारोबारियों पर कसी लगाम! 30 नवंबर तक स्टॉक लिमिट लागू, जानें अब कितनी चीनी रख सकेंगे कारोबारी
Gaon Connection | Jul 29, 2026, 19:08 IST
त्योहारी सीज़न से पहले केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक निजी चीनी कारोबारियों और डीलरों पर स्टॉक लिमिट लागू कर दी है। अब कोई भी डीलर एक स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी नहीं रख सकेगा। सरकार ने अगस्त के लिए 22.5 लाख टन चीनी का कोटा भी जारी किया है और 1 से 14 अगस्त के बीच चीनी मिलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
चीनी की बढ़ती क़ीमतों के बीच सरकार का एक्शन
त्योहारी सीज़न के दौरान चीनी की जमाखोरी रोकने और क़ीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फ़ैसला लिया है। सरकार ने देशभर में निजी चीनी कारोबारियों और डीलरों पर स्टॉक लिमिट लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बाज़ार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कृत्रिम कमी पैदा होने से रोकना है।
चीनी की क़ीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बीच उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। साथ ही डीलरों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी।
सरकार द्वारा जारी चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत अब कोई भी डीलर किसी एक स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके अलावा डीलरों को प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों के भीतर बेचने या उसका निस्तारण करना होगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकारें आवश्यकता पड़ने पर इससे भी सख़्त स्टॉक सीमा लागू कर सकती हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा तय सीमा में कोई ढील नहीं दे सकेंगी। सभी डीलरों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर अपने स्टॉक की घोषणा करना और उसे नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य होगा।
केंद्र सरकार ने अगस्त महीने के लिए 22.5 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है। उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार, चीनी की क़ीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद सरकार ने पिछले वर्ष के बराबर ही कोटा रखा है। इसके अलावा सरकार ने पिछले सप्ताह चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने का भी फ़ैसला किया था। यह सत्यापन 1 अगस्त से 14 अगस्त के बीच किया जाएगा, ताकि स्टॉक की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
सरकार का मानना है कि त्योहारी सीज़न में चीनी की माँग बढ़ने के साथ जमाखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए स्टॉक लिमिट लागू की गई है, ताकि बाज़ार में चीनी की उपलब्धता बनी रहे और क़ीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। केंद्र सरकार का यह आदेश पूरे देश में लागू होगा और संबंधित एजेंसियाँ इसकी निगरानी करेंगी। यदि ज़रूरत पड़ी तो राज्य सरकारें अपने स्तर पर और कड़े प्रतिबंध भी लागू कर सकेंगी।
चीनी की क़ीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बीच उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। साथ ही डीलरों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी।
कितनी चीनी रख सकेंगे कारोबारी, क्या हैं नए नियम?
आदेश में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकारें आवश्यकता पड़ने पर इससे भी सख़्त स्टॉक सीमा लागू कर सकती हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा तय सीमा में कोई ढील नहीं दे सकेंगी। सभी डीलरों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर अपने स्टॉक की घोषणा करना और उसे नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य होगा।