IMD Monsoon Alert: अगले 7 दिन कई राज्यों में भारी बारिश! कहीं 44°C तक गर्मी, जानिए आपके राज्य का हाल
Preeti Nahar | Jun 05, 2026, 18:51 IST
केरल से आगे बढ़ा मानसून अब देश के कई हिस्सों में असर दिखाने लगा है। अगले 7 दिनों में दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य इलाकों में बारिश के बीच भी लू और तेज गर्मी का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और 70 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।
मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, 20 सेमी तक बारिश का अलर्ट- 5 June
IMD Weather Update: देशभर में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और कई पहाड़ी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश/ Heavy Rain Alert का दौर जारी रह सकता है। वहीं कई इलाकों में तेज हवाएं, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
हालांकि बारिश की इस तेजी के बीच राहत की तस्वीर पूरे देश में एक जैसी नहीं है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। यानी कहीं बादल बरसेंगे तो कहीं बढ़ता पारा लोगों को परेशान करेगा।
मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ भारी बारिश, भूस्खलन, ओलावृष्टि या 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून/Southwest Monsoon 5 जून को कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा के कुछ और हिस्सों तक पहुँच गया है। हालांकि मानसून आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसका असर पूरे देश में एक जैसा नहीं दिखेगा। एक तरफ कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू/ Heatwave Warning लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक अगले एक सप्ताह का मौसम काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।
इसके अलावा मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
मानसून का सबसे ज्यादा असर फिलहाल दक्षिण भारत में दिखाई देगा। केरल और कर्नाटक में अगले सात दिनों तक कई जगह 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खासतौर पर 6 और 7 जून को केरल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कई इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पूरे सप्ताह बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
इसके साथ ही असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
पूर्वी भारत के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कई दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
बिहार में कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी चल सकती है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर बना रह सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों में यात्रा प्रभावित हो सकती है।
उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 से 6 जून तथा 10 से 11 जून के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
चारधाम यात्रा के बीच उत्तराखंड में मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। 5 जून को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की भी आशंका है। ऐसे में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। हालांकि इन राज्यों में तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं दिखेगी, लेकिन बारिश के कारण लोगों को कुछ राहत जरूर मिल सकती है।
पश्चिमी तट पर मानसून का असर लगातार मजबूत हो रहा है। गोवा, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में अगले सप्ताह अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से कोंकण और गोवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि मानसून की प्रगति के बावजूद कुछ क्षेत्रों में लू का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून के बीच और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून के दौरान हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में 8 से 11 जून के बीच लू चलने की संभावना है। यानी कई इलाकों में लोगों को बारिश और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
अरब सागर, लक्षद्वीप और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति बनने की संभावना है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की सलाह जरूर लेने को कहा गया है।
हालांकि बारिश की इस तेजी के बीच राहत की तस्वीर पूरे देश में एक जैसी नहीं है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। यानी कहीं बादल बरसेंगे तो कहीं बढ़ता पारा लोगों को परेशान करेगा।
मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ भारी बारिश, भूस्खलन, ओलावृष्टि या 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, लेकिन हर जगह नहीं मिलेगी राहत
इसके अलावा मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट
वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कई इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बरसेंगे बादल
इसके साथ ही असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
बिहार, झारखंड और बंगाल में भी सक्रिय रहेगा मौसम
बिहार में कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी चल सकती है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर बना रह सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों में यात्रा प्रभावित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में आंधी-तूफान का असर
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 से 6 जून तथा 10 से 11 जून के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।