बारिश के साथ बढ़ेगी किसानों की मुश्किलेंः 3 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, तेज़ हवाओं और जलभराव का अलर्ट

Mansi | Jul 29, 2026, 11:19 IST
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देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। आईएमडी के अनुसार 3 अगस्त तक मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ तेज़ हवाएँ, जलभराव और कुछ क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने किसानों को फसल, पशुधन और मछली पालकों के लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बारिश के साथ बढ़ेगी किसानों की मुश्किलें
बारिश के साथ बढ़ेगी किसानों की मुश्किलें
लगातार कुछ दिनों तक कमजोर रहने के बाद मानसून ने एक बार फिर रफ़्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी से बने मजबूत मौसमी तंत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई राज्यों में तेज़ बारिश का दौर जारी रहेगा। इसका सबसे अधिक असर खेती-किसानी वाले इलाकों में देखने को मिल सकता है, जहाँ खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।


भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में 3 अगस्त तक रुक-रुककर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज़ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

तेज़ हवाएँ भी बढ़ाएँगी मुश्किल

बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। तटीय क्षेत्रों और कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

जिन खेतों में पानी भर गया है, वहाँ तुरंत निकासी की व्यवस्था करें। धान की नर्सरी, जूट, सोयाबीन, अरहर, तिल, सब्जियों और अन्य खरीफ़ फसलों में लंबे समय तक पानी जमा नहीं रहने देना चाहिए। केले और सब्जियों जैसी कमजोर फसलों को सहारा देने की भी सलाह दी गई है, ताकि तेज़ हवाओं से नुकसान कम हो।
यदि किसी किसान ने फसल की कटाई कर ली है तो उसे खुले खेत में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें। तेज़ हवा की स्थिति में कटी हुई फसल को अच्छी तरह बाँधकर रखने की सलाह दी गई है। बागवानी फसलों में भी पौधों को सहारा देने की जरूरत बताई गई है।

पशुपालकों और मत्स्य पालकों को भी सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने पशुपालकों से भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने, सूखा चारा सुरक्षित स्थान पर रखने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं मछली पालकों को तालाबों के चारों ओर जाली और निकासी की व्यवस्था मजबूत रखने की सलाह दी गई है, ताकि अधिक पानी भरने पर मछलियाँ बाहर न निकलें।

इन राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा

आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के कुछ जिलों में अगले 24 घंटों के लिए कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी पूरी तरह भीग सकती है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है।

उमस भी करेगी परेशान

बारिश के बावजूद कई मैदानी क्षेत्रों में वातावरण में नमी अधिक बनी रहेगी। लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है, जबकि बारिश के बाद धूप निकलने पर गर्मी का एहसास और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नज़र रखने की सलाह दी है।
यह बारिश खरीफ़ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन यदि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो फसल को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि वे मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों की नियमित निगरानी करें, जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें और मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक कृषि कार्यों से बचें।
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