भारत करेगा इंटरनेशनल बिग कैट समिट की मेज़बानी, इन प्रजातियों को बचाने पर फोकस, जुटेंगे दुनियाभर के 400 से अधिक एक्सपर्ट

Gaon Connection | May 08, 2026, 18:56 IST
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भारत 1 और 2 जून 2026 को नई दिल्ली में इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) समिट की मेजबानी करेगा। इस आयोजन में 95 देशों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। समिट का उद्देश्य दुनिया भर में बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण को नई दिशा देना है।
वन्यजीव संरक्षण में भारत की बड़ी भूमिका
वन्यजीव संरक्षण में भारत की बड़ी भूमिका
दुनिया के सबसे खतरनाक और दुर्लभ बड़े वन्यजीवों को बचाने की वैश्विक मुहिम अब भारत की अगुवाई में आगे बढ़ेगी। भारत 1 और 2 जून 2026 को नई दिल्ली में इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) समिट की मेजबानी करेगा जहां दुनिया भर के 95 देशों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और संरक्षण विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने समिट की वेबसाइट और लोगो लॉन्च करते हुए कहा कि यह आयोजन वैश्विक स्तर पर बिग कैट संरक्षण को नई दिशा देगा।

दिल्ली में जुटेंगे दुनिया भर के संरक्षण विशेषज्ञ

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में IBCA समिट 2026 की आधिकारिक वेबसाइट, लोगो और प्रमोशनल फिल्म लॉन्च की। इस मौके पर कई देशों के राजनयिक, विदेश मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भारत में मुख्यालय वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) की स्थापना सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों- शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जैगुआर और प्यूमा के संरक्षण के लिए की गई है। भूपेंद्र यादव ने कहा कि 1 जून 2026 को होने वाला पहला IBCA समिट ‘Save Big Cats, Save Humanity, Save Ecosystem’ थीम पर आधारित होगा। इसमें सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन में दुनियाभर से 400 से ज्यादा वैज्ञानिक, नीति विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थान, कॉरपोरेट प्रतिनिधि और संरक्षण कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।

भारत ने दुनिया को दिखाया संरक्षण का मॉडल

भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत ने प्रोजेक्ट टाइगर, एशियाई शेर, हिम तेंदुआ और चीता संरक्षण जैसे अभियानों के जरिए यह साबित किया है कि विकास और वन्यजीव संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव और वैश्विक जिम्मेदारी की भावना ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2023 में IBCA की स्थापना का आधार बनी। उन्होंने बताया कि यह दुनिया का पहला ऐसा मंच है जो सातों बड़ी बिल्ली प्रजातियों वाले देशों को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों का सामूहिक समाधान, ज्ञान साझा करना और आपसी सहयोग को मजबूत करना है।

‘दिल्ली घोषणा’ होगी समिट की बड़ी उपलब्धि

मंत्री ने कहा कि समिट का सबसे अहम नतीजा ‘दिल्ली घोषणा’ के रूप में सामने आएगा। यह बिग कैट संरक्षण पर पहली वैश्विक घोषणा होगी, जिसमें साझा प्राथमिकताओं, सीमा पार सहयोग और बड़े वन्यजीवों के आवास संरक्षण को लेकर वैश्विक रणनीति तय की जाएगी। 1 और 2 जून को तकनीकी सत्र भी आयोजित होंगे, जिनमें 95 देशों के सरकारी अधिकारी, विशेषज्ञ और संरक्षण संगठन हिस्सा लेंगे। इसके अलावा समिट में विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां जनजातीय कला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, फिल्म, वर्चुअल रियलिटी और भारत की संरक्षण उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

वेबसाइट और लोगो में दिखी प्रकृति की झलक

भूपेंद्र यादव ने कहा कि IBCA समिट की वेबसाइट वैश्विक सूचना और जनसंपर्क मंच के रूप में काम करेगी। वहीं समिट के लोगो में सातों बड़ी बिल्ली प्रजातियों को केंद्र में रखा गया है, जो साझा जिम्मेदारी और एकजुटता का प्रतीक है। इसके चारों ओर कमल से प्रेरित डिजाइन प्रकृति के पांच तत्वों को दर्शाता है। मंत्री ने बिग कैट रेंज वाले उन देशों से भी IBCA से जुड़ने की अपील की, जो अभी तक इस गठबंधन का हिस्सा नहीं बने हैं। उनका कहना था कि इन प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और समावेशी मंच की जरूरत है।
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