भारत-यूके FTA 15 जुलाई से होगा लागू, 95% भारतीय कृषि व अन्य उत्पाद टैक्स फ्री, किसानों और निर्यातकों को सीधा लाभ!
Umang | Jun 18, 2026, 12:26 IST
भारत और यूके के बीच मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होगा। इसके तहत भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले 95 प्रतिशत से अधिक कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क नहीं लगेगा। मसाले, कॉफ़ी, शहद, अंगूर, प्याज़ और समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि समझौता किसानों, कृषि निर्यातकों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए नए अवसर लेकर आएगा।
किसानों के लिए खुलेंगे ब्रिटेन के बाज़ार
भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कृषि और खाद्य क्षेत्र से जुड़े किसानों, निर्यातकों और कारोबारियों के लिए यह समझौता बड़ी राहत लेकर आ सकता है। समझौते के लागू होने के बाद भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले 95 प्रतिशत से अधिक कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय उत्पाद ब्रिटेन के बाज़ार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और किसानों को नए निर्यात अवसर मिल सकते हैं।
सरकार का मानना है कि यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि निर्यात को नई रफ़्तार देने का भी माध्यम बनेगा। मसालों, कॉफ़ी, शहद, अंगूर, प्याज़, सब्ज़ियों, समुद्री उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उत्पादों की ब्रिटेन में पहुँच आसान होगी। इससे कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़े लाखों किसानों और उद्यमियों को फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।
समझौते के तहत भारत से निर्यात होने वाले काली मिर्च, इलायची समेत कई मसाले अब ब्रिटेन के बाज़ार में बिना अतिरिक्त शुल्क के पहुँच सकेंगे। भारतीय कॉफ़ी को भी शुल्क मुक्त पहुँच मिलेगी, जिससे उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा शहद, प्याज़, ताज़े अंगूर, मेवे, सब्ज़ियाँ और बेकरी उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर माँग और बेहतर दाम मिल सकते हैं।
FTA का लाभ समुद्री खाद्य क्षेत्र को भी मिलने वाला है। झींगा, टूना और कटलफ़िश जैसे भारतीय समुद्री उत्पाद ब्रिटेन में बिना आयात शुल्क के पहुँच सकेंगे। इससे मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य निर्यात से जुड़े कारोबार को नई गति मिल सकती है।
ब्रिटेन भारतीय प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) खाद्य उत्पादों पर लगने वाले 70 प्रतिशत तक के शुल्क को समाप्त करेगा। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इससे कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि समझौते में भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। डेयरी, अनाज, तिलहन और सब्ज़ी क्षेत्र को विशेष संरक्षण दिया गया है, ताकि सस्ते आयात से घरेलू किसानों पर नकारात्मक असर न पड़े। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि समझौते से भारत को 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क मुक्त पहुँच मिलेगी, जबकि घरेलू कृषि हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय भी बनाए रखे गए हैं।
समझौते की एक अहम विशेषता कस्टम प्रक्रिया को आसान बनाना भी है। नई व्यवस्था के तहत सामान की क्लीयरेंस प्रक्रिया तेज़ होगी, जिससे फल, सब्ज़ियों और समुद्री खाद्य पदार्थों जैसे जल्दी ख़राब होने वाले उत्पाद कम समय में बाज़ार तक पहुँच सकेंगे। इससे निर्यातकों को होने वाला नुकसान कम हो सकता है।
ब्रिटेन के अनुमान के अनुसार यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था में हर साल लगभग 5.1 अरब पाउंड का योगदान कर सकता है। वहीं दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों, कृषि निर्यातकों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि निर्यात को नई रफ़्तार देने का भी माध्यम बनेगा। मसालों, कॉफ़ी, शहद, अंगूर, प्याज़, सब्ज़ियों, समुद्री उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उत्पादों की ब्रिटेन में पहुँच आसान होगी। इससे कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़े लाखों किसानों और उद्यमियों को फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।
मसाले, कॉफ़ी और शहद को मिलेगा बड़ा बाज़ार
A historic milestone for India-UK relations.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2026
Delighted to note that the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement will enter into force on 15th July 2026.
This agreement will significantly boost our bilateral trade and investment.
It will also unlock numerous… pic. twitter. com/I0bMCjdtg4