India Weather Update: मौसम का ख़तरनाक यू-टर्न, बारिश, आंधी और हीटवेव एक साथ, जानिए आपके राज्य का हाल
Preeti Nahar | Jun 07, 2026, 17:18 IST
Monsoon Forecast 2026: 7 से 13 जून के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। पूर्वोत्तर भारत, केरल, कर्नाटक, गोवा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना है, जबकि यूपी, दिल्ली, राजस्थान और मध्य भारत में आंधी, बिजली और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हीटवेव का खतरा भी बना रहेगा, इसलिए किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
7 से 13 जून तक मौसम विभाग ने जारी की जानकारी
India Weather Update: जून के दूसरे सप्ताह में देश का मौसम पूरी तरह बदलता नजर आएगा। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक 7 से 13 जून के बीच पूर्वोत्तर, दक्षिण और पश्चिमी तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है।
हालांकि, राहत की इस बारिश के बीच उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में गर्मी और हीटवेव की चिंता भी बनी रहेगी। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य भारत के ऊपर कई चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हैं। वहीं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी। 11 जून के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सप्ताह मौसम लगातार करवट बदलता रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 और 11 जून को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 13 जून के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी कई स्थानों पर बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
राजस्थान में भी मौसम सक्रिय रहेगा और पूर्वी हिस्सों में कुछ जगहों पर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। हालांकि बारिश के बावजूद पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून के दौरान हीटवेव/Heatwave in Uttar Pradesh की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।
मध्य भारत में भी मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ क्षेत्र में 7 से 13 जून के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा रहेगा।
खासकर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हवाओं की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी।
पूर्वी भारत में मानसून की गतिविधियां लगातार मजबूत होती दिख रही हैं। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में अगले सप्ताह बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बिहार में 10 और 11 जून को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
वहीं झारखंड में भी कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उप-हिमालयी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश/Heavy Rainfall Alert हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने असम और मेघालय के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने/Thunderstorm and Lightning Alert की आशंका भी जताई गई है।
पश्चिम भारत में मानसून की दस्तक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 7 से 13 जून के बीच कई दौर की बारिश देखने को मिल सकती है। गोवा और कोंकण क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
वहीं गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। केरल, तटीय कर्नाटक और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में अगले सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
कई जगहों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती-किसानी के काम करें। तेज बारिश और आंधी की संभावना वाले क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और पशुओं को खुले स्थानों पर न बांधें। बागवानी फसलों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि अधिक नमी से फसलों को नुकसान न पहुंचे। वहीं आम लोगों को भी तेज हवाओं, बिजली और भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि, राहत की इस बारिश के बीच उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में गर्मी और हीटवेव की चिंता भी बनी रहेगी। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम प्रणाली क्या कहती है?
उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान
राजस्थान में भी मौसम सक्रिय रहेगा और पूर्वी हिस्सों में कुछ जगहों पर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। हालांकि बारिश के बावजूद पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून के दौरान हीटवेव/Heatwave in Uttar Pradesh की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।
मध्य भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और विदर्भ
खासकर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हवाओं की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी।
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा
वहीं झारखंड में भी कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उप-हिमालयी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश/Heavy Rainfall Alert हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पूर्वोत्तर भारत: बारिश का सबसे ज्यादा असर
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने/Thunderstorm and Lightning Alert की आशंका भी जताई गई है।
पश्चिम भारत: महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात
वहीं गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु
कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
कई जगहों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।