दुनिया में बढ़ा भारतीय कृषि उत्पादों का दबदबा, किसानों को मिल रहे बेहतर दाम, इन उत्पादों ने बनाई विदेशों में नई पहचान

Gaon Connection | Jul 13, 2026, 15:39 IST
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का वैश्विक बाज़ार लगातार बढ़ रहा है। झारखंड के अमरपाली आम, उत्तराखंड और असम की लीची, जम्मू-कश्मीर की चेरी, मध्य प्रदेश के रीवा सुंदरजा आम, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली आम, कर्नाटक के बाजरा उत्पाद, ओडिशा का एग पाउडर और वाराणसी के बिस्कुट समेत कई उत्पाद नए विदेशी बाज़ारों तक पहुँचे हैं, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।

भारतीय उत्पादों की विदेशों में बढ़ी मांग
भारतीय उत्पादों की विदेशों में बढ़ी मांग
भारतीय कृषि उत्पाद अब सिर्फ़ देश के बाज़ारों तक सीमित नहीं रह गए हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में उगने वाले फल, मोटे अनाज और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद लगातार वैश्विक बाज़ारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। इसका सबसे बड़ा फ़ायदा किसानों को बेहतर दाम और नए निर्यात अवसरों के रूप में मिल रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद दुनिया के नए-नए बाज़ारों तक पहुँच रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत के स्थानीय खेतों से निकलने वाले उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। उनका कहना है कि हर निर्यात खेप किसानों को बेहतर मूल्य, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए अवसर, रोज़गार और भारतीय उत्पादों पर वैश्विक भरोसा बढ़ाने का माध्यम बन रही है।

आम, लीची, चेरी से लेकर मोटे अनाज तक... कई राज्यों के उत्पाद पहुँचे विदेश

पीयूष गोयल ने बताया कि झारखंड के ताज़ा अमरपाली आम पहली बार ब्रिटेन और दुबई के बाज़ारों में पहुँचे हैं। इन आमों का उत्पादन पूरी तरह महिला किसान उत्पादक कंपनी ने किया, जिससे महिला किसानों को पहले की तुलना में 180 प्रतिशत अधिक आय प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि कर्नाटक के वनस्पति तत्वों से युक्त बाजरा आधारित फ़ंक्शनल फ़ूड न्यूज़ीलैंड निर्यात किए गए हैं। इससे भारतीय मोटे अनाज से बने पारंपरिक उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती स्वीकार्यता दिखाई देती है।

जम्मू-कश्मीर की प्रीमियम अरेको चेरी और सेंट्रोस प्लम संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई पहुँचे, जिससे किसानों को 120 प्रतिशत तक अधिक आय मिली। वहीं उत्तराखंड की हिमालयी लीची पहली बार इटली निर्यात की गई, जिससे राज्य के फल उत्पादकों के लिए नया अंतरराष्ट्रीय बाज़ार खुला। पंजाब की ताज़ा लीची भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के तहत पहली बार ओमान भेजी गई। वहीं असम की जीआई-टैग प्राप्त तेज़पुर लीची दुबई पहुँची, जहाँ किसानों को प्रीमियम मूल्य मिला।

रीवा सुंदरजा आम से लेकर वाराणसी के बिस्कुट तक, कई उत्पादों को मिला नया वैश्विक बाज़ार

मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश का जीआई-टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम संयुक्त अरब अमीरात निर्यात किया गया, जिससे किसानों को स्थानीय मंडियों की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत अधिक दाम मिले। आंध्र प्रदेश के प्रीमियम बंगनपल्ली आम पहली बार समुद्री मार्ग से सिंगापुर भेजे गए। इसे भारतीय फलों की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत माना जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ओडिशा से 22.6 टन सूखा संपूर्ण अंडा पाउडर (ड्राइड होल एग पाउडर) ऑस्ट्रिया निर्यात किया गया, जिसने यूरोप के सबसे कड़े गुणवत्ता मानकों को पूरा किया। प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बने बिस्कुट भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौते के तहत ओमान भेजे गए, जिससे भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए नए अवसर खुले हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि असम के खेतों से लेकर कश्मीर के बाग़ों, वाराणसी के खाद्य उद्योग और कर्नाटक के मोटे अनाज आधारित नवाचारों तक, दुनिया अब भारत के स्वाद को अपना रही है। उनके अनुसार, भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों का बढ़ता निर्यात किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ देश के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी मज़बूती प्रदान कर रहा है।
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