Sugar Export Ban: सरकार ने चीनी निर्यात पर लगाई रोक, जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला
Preeti Nahar | May 14, 2026, 09:45 IST
भारत सरकार ने चीनी निर्यात पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जो कि 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस कदम से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। उत्पादन में कमी की आशंका को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक भारत ने घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा या फिर अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। सरकार ने चीनी की एक्सपोर्ट पॉलिसी को ‘Restricted’ से बदलकर ‘Prohibited’ कर दिया है।
यह फैसला रॉ शुगर, व्हाइट शुगर और रिफाइंड शुगर पर लागू होगा। हालांकि सरकार ने कुछ राहत भी दी है। यूरोपियन यूनियन (EU) और अमेरिका को तय कोटा के तहत होने वाले निर्यात पर यह रोक लागू नहीं होगी। इसके अलावा जो शिपमेंट पहले से बंदरगाहों पर पहुंच चुकी हैं या लोडिंग प्रक्रिया में हैं, उन्हें भी अनुमति दी गई है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है, लेकिन इस बार घरेलू उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है। कमजोर गन्ना उत्पादन, कई राज्यों में घटती पैदावार और संभावित एल नीनो प्रभाव के कारण अगले सीजन में उत्पादन कम रहने का अनुमान है। ऐसे में सरकार घरेलू बाजार में कमी नहीं चाहती।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से देश में चीनी की कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी। अगर निर्यात जारी रहता तो घरेलू बाजार में सप्लाई कम हो सकती थी और कीमतें बढ़ सकती थीं।
सरकार के फैसले के बाद चीनी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। Balrampur Chini Mills, Shree Renuka Sugars, Dhampur Sugar Mills जैसी कंपनियों के शेयरों में 4-5% तक गिरावट दर्ज की गई क्योंकि निर्यात बंद होने से उनकी कमाई प्रभावित हो सकती है।
भारत दुनिया का बड़ा चीनी निर्यातक देश है। ऐसे में भारत के इस फैसले से वैश्विक बाजार में चीनी की कीमतें बढ़ सकती हैं और ब्राजील व थाईलैंड जैसे देशों को इसका फायदा मिल सकता है। फिलहाल सरकार का फोकस साफ है पहले देश में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और महंगाई को काबू में रखना।