कृषि क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धी: तैयार की दुनिया की पहली Genome Edited धान की किस्में, जानिए खासियत
Preeti Nahar | Jun 16, 2026, 17:57 IST
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने धान की खेती में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आई. सी. ए. आर. ने जीनोम एडिटेड धान की दो नई किस्में विकसित की हैं। ये किस्में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और कम समय में तैयार होने वाली फसल के लिए जानी जाती हैं।जानिए इन किस्मों के नाम।
ICAR ने विकसित की दुनिया की पहली Genome Edited धान की किस्में
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने धान की खेती में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ICAR ने दुनिया की पहली जीनोम एडिटेड (Genome Edited) धान की दो किस्में विकसित की हैं। इन नई किस्मों के नाम DRR धान 100 (Kamala) और DST Rice 1 हैं। इन किस्मों को धान उत्पादन बढ़ाने, बेहतर गुणवत्ता वाले अनाज और कम समय में तैयार होने वाली फसल को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
धान किसानों के लिए यह नई तकनीक काफी मददगार साबित हो सकती है। इन किस्मों में ज्यादा उत्पादन क्षमता के साथ-साथ बेहतर दाने की गुणवत्ता और जल्दी पकने जैसी खासियतें हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जीनोम एडिटिंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें पौधे के अंदर मौजूद जीन में सटीक बदलाव करके उसकी उपयोगी विशेषताओं को बढ़ाया जाता है। इस तकनीक की मदद से फसल की पैदावार, गुणवत्ता और रोगों से लड़ने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। ICAR द्वारा विकसित इन दोनों धान किस्मों को भारतीय कृषि की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि किसानों को कम समय में बेहतर उत्पादन मिल सके।
1. ज्यादा पैदावार की क्षमता- नई जीनोम एडिटेड किस्मों में अधिक उत्पादन देने की क्षमता है। इससे किसानों को एक ही क्षेत्र से ज्यादा उपज मिल सकती है और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
2. बेहतर अनाज की गुणवत्ता- इन किस्मों के धान के दाने की गुणवत्ता बेहतर बताई गई है। इससे मिलिंग क्वालिटी और चावल की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
3. पकने में कम समय- इन किस्मों की एक बड़ी खासियत यह है कि ये जल्दी तैयार हो जाती हैं। कम अवधि में फसल तैयार होने से किसान समय और संसाधनों की बचत कर सकते हैं।
4. बेहतर खाना पकाने की गुणवत्ता- इन धान किस्मों से तैयार चावल की बनावट, स्वाद और पकाने की गुणवत्ता बेहतर होने की बात कही गई है।
भारत में धान सबसे प्रमुख खाद्यान्न फसलों में से एक है। लाखों किसान इसकी खेती पर निर्भर हैं। बढ़ती लागत, मौसम में बदलाव और पानी की कमी जैसी चुनौतियों के बीच नई तकनीक वाली किस्में किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। जीनोम एडिटेड धान की ये किस्में कम समय में अधिक उत्पादन देने में सक्षम होंगी, जिससे खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है।
ICAR का कहना है कि ये नई किस्में भारत में कृषि अनुसंधान और तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। बेहतर बीजों के विकास से देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।
धान किसानों के लिए यह नई तकनीक काफी मददगार साबित हो सकती है। इन किस्मों में ज्यादा उत्पादन क्षमता के साथ-साथ बेहतर दाने की गुणवत्ता और जल्दी पकने जैसी खासियतें हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या है जीनोम एडिटेड धान की खासियत?
DRR धान 100 और DST Rice 1 की खास बातें
2. बेहतर अनाज की गुणवत्ता- इन किस्मों के धान के दाने की गुणवत्ता बेहतर बताई गई है। इससे मिलिंग क्वालिटी और चावल की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
3. पकने में कम समय- इन किस्मों की एक बड़ी खासियत यह है कि ये जल्दी तैयार हो जाती हैं। कम अवधि में फसल तैयार होने से किसान समय और संसाधनों की बचत कर सकते हैं।
4. बेहतर खाना पकाने की गुणवत्ता- इन धान किस्मों से तैयार चावल की बनावट, स्वाद और पकाने की गुणवत्ता बेहतर होने की बात कही गई है।