पाकिस्तान की उम्मीदों पर फिरा पानी! भारत ने चीनी खरीदने से किया इनकार; जारी रहेगा ट्रेड बैन

Umang | Aug 22, 2026, 11:33 IST
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घरेलू बाज़ार में चीनी की कीमतों और सप्लाई को देखते हुए भारत ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, लेकिन पाकिस्तान को इसका लाभ नहीं मिलेगा। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा ट्रेड रिस्ट्रिक्शन जारी रहेंगे। पाकिस्तान के चीनी उद्योग ने भारत को निर्यात की संभावना तलाशने की मांग की थी। भारत का कहना है कि चीनी की ज़रूरत होने पर ग्लोबल मार्केट में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की छूट, लेकिन पाकिस्तान के लिए दरवाज़ा बंद;
ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की छूट, लेकिन पाकिस्तान के लिए दरवाज़ा बंद;
घरेलू बाज़ार में चीनी की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी और सप्लाई को लेकर चिंता के बीच भारत ने पाकिस्तान से चीनी इंपोर्ट की संभावना को ख़ारिज कर दिया है। केंद्र सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, लेकिन इस छूट का फ़ायदा पाकिस्तान को नहीं मिलेगा। विदेश मंत्रालय ने साफ़ संकेत दिया है कि इस्लामाबाद के साथ मौजूदा ट्रेड रिस्ट्रिक्शन जारी रहेंगे और पाकिस्तान से चीनी ख़रीद के लिए कोई अपवाद नहीं किया जाएगा।

पाकिस्तान के चीनी उत्पादकों की ओर से भारत के नए ड्यूटी फ्री इंपोर्ट फ़ैसले के बाद भारतीय बाज़ार में चीनी सप्लाई करने की संभावना तलाशने की ख़बरों के बीच विदेश मंत्रालय ने अपना रुख़ स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पाकिस्तान को लेकर भारत की स्थिति और पॉलिसी सभी को मालूम है। पाकिस्तान की ओर से भी भारत को चीनी एक्सपोर्ट की संभावना तलाशने की कोशिश की जा रही है। बुधवार को पाकिस्तान ने 1.05 लाख टन चीनी बेचने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया था। हालांकि, भारत ने साफ़ कर दिया है कि उसे चीनी की ज़रूरत होने पर ग्लोबल मार्केट से पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं और पाकिस्तान से सोर्सिंग की ज़रूरत नहीं है।

चीनी की कीमत बढ़ने के बीच इंपोर्ट का फ़ैसला

भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी प्रोड्यूसर और कंज़्यूमर देशों में शामिल है। हालांकि, गन्ने के उत्पादन में उतार-चढ़ाव, चीनी को एथेनॉल प्रोडक्शन की ओर डायवर्ट किए जाने और मिलों के उत्पादन में बदलाव के कारण समय-समय पर घरेलू बाज़ार में चीनी की उपलब्धता कम हो सकती है। घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने सप्लाई बढ़ाने के लिए इंपोर्ट को एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने का फ़ैसला किया है। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है। इससे भारतीय रिफाइनर्स और ट्रेडर्स को विदेशी बाज़ार से वैकल्पिक सप्लाई हासिल करने का मौक़ा मिलेगा। इसका उद्देश्य घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करना है।

पाकिस्तान के लिए ड्यूटी फ्री विंडो में भी कोई छूट नहीं

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद मई 2025 में पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट इंपोर्ट पर ब्लैंकेट बैन लगा दिया था। अब कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दिए जाने के बावजूद पाकिस्तान के लिए इस ट्रेड बैन में कोई एक्सेप्शन देने की योजना नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को लेकर भारत की पॉलिसी को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत का रुख़ पहले से जाना-पहचाना है। सरकार का कहना है कि अगर भारत को और चीनी की ज़रूरत होती है तो ग्लोबल मार्केट में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में पाकिस्तान से चीनी ख़रीदने की ज़रूरत नहीं है।

पाकिस्तान के चीनी उद्योग को भारतीय बाज़ार से थी उम्मीद

भारत के 10 लाख टन ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति देने के बाद पाकिस्तान के चीनी उद्योग ने अपनी सरकार से भारत को चीनी एक्सपोर्ट करने की संभावना तलाशने का आग्रह किया था। पाकिस्तान के चीनी उत्पादकों के लिए भारत एक बड़ा नज़दीकी बाज़ार हो सकता था, ख़ासकर ऐसे समय में जब इस्लामाबाद भी अपने चीनी एक्सपोर्ट को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। बुधवार को पाकिस्तान ने 1.05 लाख टन चीनी बेचने के लिए ग्लोबल टेंडर भी जारी किया। हालांकि, भारत की ओर से पाकिस्तान से चीनी इंपोर्ट की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण पाकिस्तानी चीनी उत्पादकों के लिए भारतीय बाज़ार का रास्ता फ़िलहाल बंद रहेगा।
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