Fertilizer: खाद की कालाबाजारी पर होगी जेल! आपूर्ति को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार सतर्क, वैकल्पिक उर्वरकों के इस्तेमाल को मिलेगा बढ़ावा

Gaon Connection | Apr 08, 2026, 13:40 IST
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छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों को अब जेल जाना पड़ सकता है। कृषि मंत्री ने किसानों को उर्वरक की कमी न होने का भरोसा दिलाया है साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण खाद की आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है। दूरदराज के इलाकों में उर्वरकों का पहले से भंडारण किया जा रहा है ताकि किसानों को समय पर ये मिल सकें।
छत्तीसगढ़ सरकार खाद आपूर्ति को लेकर सख्त
छत्तीसगढ़ सरकार खाद आपूर्ति को लेकर सख्त
छत्तीसगढ़ राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी में लिप्त लोगों के लिए अब जेल की सज़ा का प्रावधान किया जा सकता है। यह बात कृषि श्री रामविचार नेताम मंत्री ने हाल ही में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान कही, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उर्वरक और ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखलाओं में आने वाली संभावित बाधाओं के संदर्भ में अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। मंत्री ने किसानों को यह विश्वास दिलाया कि उर्वरकों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामले में तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उर्वरक आपूर्ति पर सरकार की पैनी नज़र

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उर्वरक और ऊर्जा की आपूर्ति में दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है। उन्होंने कहा, "उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी। सख्त निगरानी की जा रही है और किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई होगी।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जिलों में नियमित और अचानक निरीक्षण करें।

खरीफ 2026 की तैयारी और किसानों को राहत

मंत्री ने बताया कि खरीफ 2026 सीज़न की तैयारियां चल रही हैं। दूरदराज के इलाकों में उर्वरकों का पहले से भंडारण किया जा रहा है ताकि किसानों को समय पर ये मिल सकें। इसके अलावा, 'विकसित भारत संकल्प अभियान' 5 से 20 मई तक चलेगा। इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी गाँवों का दौरा करेंगे। वे किसानों से मिलेंगे और उन्हें आधुनिक खेती के तरीके और वैकल्पिक उर्वरकों के बारे में जानकारी देंगे।

वैकल्पिक उर्वरकों और जैविक खेती को बढ़ावा

पिछले साल डीएपी (diammonium phosphate) की आपूर्ति में आई दिक्कतों को देखते हुए, राज्य में एनपीके (nitrogen, phosphorus, potassium) और एसएसपी (single super phosphate) जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, जैविक खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए दालों, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एग्रीस्टैक 'फार्मर आईडी' और पीएम-किसान योजना

किसानों को केंद्र की पीएम-किसान योजना का लाभ मिले, इसके लिए सभी किसानों का एग्रीस्टैक 'फार्मर आईडी' पहल के तहत एक हफ्ते के अंदर पंजीकरण पूरा करने का निर्देश दिया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।

पीएम-आश (PM-AASHA) योजना की धीमी प्रगति पर चिंता

फसल उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने वाली पीएम-आश (PM-AASHA) योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए, मंत्री ने कई जिलों में इसकी धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दालों और तिलहन की खरीद में तेजी लाने के लिए मार्कफेड (MARKFED) और नैफेड (NAFED) जैसी सहकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई पहल

बागवानी विभाग को 'मखाना' (puffed fox nut) और 'सिंघारा' (water chestnut) की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही, मछली पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों के आय के स्रोत विविध हो सकें। मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्यान कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभदायक बनाने पर है, साथ ही आवश्यक आदानों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है।
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