Mango Export: झारखंड के आमों ने पार किया सात समंदर, पहली बार UK पहुँची आम्रपाली आमों की खेप

Preeti Nahar | Jun 07, 2026, 12:15 IST
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झारखंड के सिमडेगा जिले की महिलाओं द्वारा संचालित Beura Farmer Producer Company Ltd. के 1.5 मीट्रिक टन आम्रपाली आम पहली बार यूनाइटेड किंगडम भेजे गए हैं। APEDA की पहल से किसानों को निर्यात बाजार से जोड़ने में सफलता मिली है, जिससे उन्हें घरेलू बाजार की तुलना में बेहतर कीमत मिली। यह कदम झारखंड के बागवानी क्षेत्र और महिला किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

झारखंड के आम्रपाली आमों का UK तक सफर
झारखंड के आम्रपाली आमों का UK तक सफर
झारखंड के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब राज्य के आम सिर्फ देश के बाजारों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विदेशों में भी अपनी मिठास का जलवा भी दिखाएंगे। पहली बार झारखंड से ताज़े आम्रपाली आम की व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम (UK) भेजी गई है।

खास बात यह है कि यह सफलता किसी बड़ी कंपनी की नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा संचालित एक किसान उत्पादक कंपनी (FPC) की है। इससे न केवल किसानों को बेहतर दाम मिले हैं, बल्कि झारखंड के फल उत्पादकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के नए रास्ते भी खुल गए हैं।

झारखंड से पहली बार UK भेजे गए ताज़े आम

झारखंड से पहली बार ब्रिटेन भेजे गए आम
झारखंड से पहली बार ब्रिटेन भेजे गए आम
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने झारखंड से यूनाइटेड किंगडम के लिए ताज़े आमों की पहली व्यावसायिक खेप को रवाना किया है। इस खेप में 1.5 मीट्रिक टन आम्रपाली किस्म के आम शामिल हैं, जिन्हें लंदन भेजा गया है। यह झारखंड के फल निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

महिलाओं की FPC ने दिखाई नई राह

निर्यात किए गए आम सिमडेगा जिले के बानो ब्लॉक स्थित Beura Farmer Producer Company Ltd. से खरीदे गए हैं। यह पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित किसान उत्पादक कंपनी है।

महिला किसानों की इस पहल ने साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध हो जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार का हिस्सा बन सकती हैं।

APEDA की ट्रेनिंग बनी सफलता की कुंजी

इस उपलब्धि के पीछे APEDA द्वारा आयोजित क्षमता विकास कार्यक्रम की अहम भूमिका रही। 5 मई 2026 को सिमडेगा जिले में किसान उत्पादक संगठनों (FPO), किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) और प्रगतिशील किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

इस दौरान किसानों को निर्यात के नियम, गुणवत्ता मानकों, पैकिंग, ग्रेडिंग और विदेशी बाजारों की मांग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद ही निर्यात योग्य आमों की पहचान और चयन की प्रक्रिया शुरू की गई।

महिला किसानों के लिए नई उम्मीद

यह उपलब्धि केवल आम निर्यात तक सीमित नहीं है। इससे यह संदेश भी गया है कि महिला किसान समूह और आदिवासी क्षेत्र के उत्पादक संगठन भी वैश्विक बाजारों तक पहुंच बना सकते हैं। यदि ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे तो झारखंड के किसान आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय फल निर्यात के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।

महिला FPC की बड़ी सफलता
महिला FPC की बड़ी सफलता

किसानों को मिला बेहतर बाजार और बेहतर दाम

APEDA ने Beura FPC को कोलकाता की निर्यातक कंपनी JGB Agrofresh Pvt. Ltd. से जोड़ा। इसके बाद किसानों के आम सीधे निर्यात श्रृंखला में शामिल हो सके।

इससे किसानों को स्थानीय मंडियों की तुलना में बेहतर कीमत मिली। जब किसान सीधे निर्यात बाजार से जुड़ते हैं तो उनकी आय में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

अमरपाली आम की बढ़ रही अंतरराष्ट्रीय मांग

झारखंड में उगाई जाने वाली आम्रपाली किस्म अपने स्वाद, गूदे की गुणवत्ता और आकर्षक रंग के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि विदेशों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

राज्य की जलवायु और मिट्टी बागवानी फसलों के लिए अनुकूल मानी जाती है। ऐसे में आम, लीची और अन्य फलों के निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

किसानों को मिलेगा आधुनिक खेती का लाभ

  1. निर्यात के अवसर बढ़ने से किसान बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन पर अधिक ध्यान देंगे।
  2. इससे आधुनिक खेती, वैज्ञानिक बागवानी, बेहतर पैकिंग और फसल कटाई के बाद प्रबंधन (Post-Harvest Management) को बढ़ावा मिलेगा।
  3. इसके साथ ही किसानों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाने का मौका मिलेगा, जिससे भविष्य में और अधिक निर्यात संभावनाएं तैयार होंगी।

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