किसानों बहन-भाई ध्यान दें! खरीफ सीजन में 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज, इस तारीख तक करें आवेदन
Preeti Nahar | May 25, 2026, 15:42 IST
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए किसानों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। राज्य के किसानों को राजकीय बीज भंडारों पर विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज करीब 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान विभागीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है।
खरीफ सीजन 2026-27 के लिए किसानों को लगभग 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध
खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने धान, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग, उड़द, तिल और सोयाबीन समेत कई फसलों के बीज भारी अनुदान पर उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है। सरकार का दावा है कि किसानों को इस योजना के जरिए प्रमाणित और उन्नत बीज सस्ती दरों पर मिलेंगे, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके लिए किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा खरीफ सीजन 2026-27 के लिए किसानों को राजकीय बीज भंडारों के माध्यम से लगभग 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत धान, बाजरा, ज्वार, कोदो, सांवा, रागी, अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों के बीज शामिल किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाना है।
योजना के तहत धान की मोटा, महीन और बासमती किस्मों के अलावा दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों के बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। कृषि विभाग के अनुसार विभिन्न फसलों के बीजों की फुटकर बिक्री दर पहले से तय कर दी गई है और अनुदान के बाद किसानों को कम कीमत पर बीज मिलेंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक फायदा होने की उम्मीद है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 31 मई तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि किसानों को आसानी से सुविधा मिल सके। आवेदन के बाद पात्र किसानों को नजदीकी राजकीय बीज भंडार से बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
राज्य सरकार खरीफ सीजन में उत्पादन बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमाणित बीजों के उपयोग से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके साथ ही मोटे अनाज और दलहन फसलों को बढ़ावा देकर सरकार पोषण सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार की तुलना में कम कीमत पर उन्नत बीज मिलने से किसानों की लागत घटेगी। अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों से फसल की पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे किसानों की कमाई में भी सुधार हो सकता है। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाने के लिए जिला स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
50% अनुदान पर मिलेंगे प्रमाणित बीज
इन फसलों के बीज होंगे उपलब्ध
31 मई तक करना होगा आवेदन
| फसल / प्रजाति | फुटकर बिक्री दर (रु./कु.) |
|---|---|
| धान मोटा | ₹4864 |
| धान महीन | ₹4893 |
| धान बासमती | ₹6346 |
| ज्वार | ₹7872 |
| बाजरा | ₹7990 |
| कोदो | ₹9061 |
| सांवा | ₹9762 |
| रागी | ₹9061 |
| अरहर | ₹13421 |
| उड़द | ₹13216 |
| मूंग | ₹14502 |
| मूंगफली | ₹10239 |
| सोयाबीन | ₹7724 |
| तिल | ₹18041 |