बारिश कम, ठंड ज्यादा: किसानों के लिए क्या कहता है मौसम विभाग का नया अनुमान?
Gaon Connection | Jan 02, 2026, 14:43 IST
भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा मौसमी पूर्वानुमान के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा मौसमी पूर्वानुमान के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में ऋतुनिष्ठ वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। खासकर उत्तर-पश्चिम भारत-जिसमें पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं, में सर्दियों की कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) से कम रहने के संकेत दिए गए हैं।
IMD के मुताबिक, हालांकि जनवरी 2026 में देश-भर में मासिक वर्षा सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन पूरे सर्दी-सीज़न (जनवरी–मार्च) को देखें तो बारिश कमजोर रह सकती है। यह पूर्वानुमान मल्टी-मॉडल एन्सेम्बल (MME) तकनीक पर आधारित है, जिसमें IMD के MMCFS सहित कई वैश्विक जलवायु मॉडलों के नतीजों को जोड़ा गया है।
तापमान के मोर्चे पर IMD ने संकेत दिया है कि जनवरी 2026 में न्यूनतम तापमान देश के बड़े हिस्से में सामान्य से नीचे रह सकता है। वहीं मध्य भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में शीतलहर वाले दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान भी कई क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है, हालांकि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक रहने के संकेत हैं।
IMD ने बताया कि प्रशांत महासागर में ला-नीना जैसी स्थितियां बनी हुई हैं, जिनके शुरुआती 2026 तक जारी रहने और बाद में ENSO-न्यूट्रल की ओर बढ़ने के संकेत हैं। हिंद महासागर में IOD तटस्थ रहने की संभावना है। ये कारक मिलकर सर्दियों की वर्षा और तापमान पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं।
सर्दियों की कुल बारिश कैसी रहेगी?
जनवरी से मार्च 2026 के बीच बारिश कम रहने की संभावना है, खासकर उत्तर भारत में। इसका मतलब है कि खेतों को प्राकृतिक बारिश से उतनी मदद नहीं मिलेगी।
जनवरी 2026 में बारिश होगी या नहीं?
जनवरी महीने में बारिश सामान्य रह सकती है। लेकिन पूरे सीज़न (तीन महीने) को देखें तो बारिश कमजोर पड़ सकती है।
ठंड और शीतलहर का क्या हाल?
जनवरी में रात का तापमान कई जगह सामान्य से नीचे जा सकता है। मध्य भारत, पूर्वी यूपी और बिहार में शीतलहर वाले दिन ज़्यादा हो सकते हैं।
रबी फसलों पर क्या असर पड़ेगा?
गेहूं, सरसों, चना जैसी फसलों में सिंचाई की ज़रूरत बढ़ सकती है। बहुत ठंड में फसल की बढ़वार धीमी हो सकती है।
किसानों के लिए ज़रूरी सलाह
हल्की और समय पर सिंचाई करें; पानी की बचत रखें। पाला/तेज़ ठंड से बचाव के लिए शाम को हल्की सिंचाई, मल्चिंग (पुआल/फसल-अवशेष) करें। सब्ज़ी की नर्सरी और छोटे पौधों को पुआल/पॉलीथीन से ढकें। मौसम अपडेट हर हफ्ते देखे-IMD का विस्तारित (4 हफ्ते) और जिला-स्तरीय अलर्ट मददगार रहेगा
IMD के मुताबिक, हालांकि जनवरी 2026 में देश-भर में मासिक वर्षा सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन पूरे सर्दी-सीज़न (जनवरी–मार्च) को देखें तो बारिश कमजोर रह सकती है। यह पूर्वानुमान मल्टी-मॉडल एन्सेम्बल (MME) तकनीक पर आधारित है, जिसमें IMD के MMCFS सहित कई वैश्विक जलवायु मॉडलों के नतीजों को जोड़ा गया है।
तापमान और शीतलहर
बड़े पैमाने के जलवायु कारक
किसानों के लिए क्या कहता है मौसम विभाग का नया अनुमान? सरल शब्दों में समझिए
जनवरी से मार्च 2026 के बीच बारिश कम रहने की संभावना है, खासकर उत्तर भारत में। इसका मतलब है कि खेतों को प्राकृतिक बारिश से उतनी मदद नहीं मिलेगी।
जनवरी 2026 में बारिश होगी या नहीं?
जनवरी महीने में बारिश सामान्य रह सकती है। लेकिन पूरे सीज़न (तीन महीने) को देखें तो बारिश कमजोर पड़ सकती है।
ठंड और शीतलहर का क्या हाल?
जनवरी में रात का तापमान कई जगह सामान्य से नीचे जा सकता है। मध्य भारत, पूर्वी यूपी और बिहार में शीतलहर वाले दिन ज़्यादा हो सकते हैं।
रबी फसलों पर क्या असर पड़ेगा?
गेहूं, सरसों, चना जैसी फसलों में सिंचाई की ज़रूरत बढ़ सकती है। बहुत ठंड में फसल की बढ़वार धीमी हो सकती है।
किसानों के लिए ज़रूरी सलाह
हल्की और समय पर सिंचाई करें; पानी की बचत रखें। पाला/तेज़ ठंड से बचाव के लिए शाम को हल्की सिंचाई, मल्चिंग (पुआल/फसल-अवशेष) करें। सब्ज़ी की नर्सरी और छोटे पौधों को पुआल/पॉलीथीन से ढकें। मौसम अपडेट हर हफ्ते देखे-IMD का विस्तारित (4 हफ्ते) और जिला-स्तरीय अलर्ट मददगार रहेगा