MP बना 'चीता स्टेट', CM मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क में छोड़े 2 चीते, जानें देश में कितनी हुई संख्या
Gaon Connection | May 11, 2026, 13:14 IST
सोमवार को श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को जंगल में छोड़ दिया गया। ये चीते बोत्सवाना से लाए गए थे और अपनी क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इनका स्वागत किया। यह प्रोजेक्ट चीता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारत में चीतों की जनसंख्या अब 57 हो गई है।
चीतों को छोड़ते हुए CM मोहन यादव
मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन चीतों को कूनो नदी के किनारे स्थित क्षेत्र में रिलीज किया। दोनों चीते बोत्सवाना से लाए गए थे और क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद अब इन्हें जंगल में छोड़ा गया है। रिलीज किए गए दोनों मादा चीतों की पहचान CCV-2 और CCV-3 के रूप में की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट चीता’ लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है और अब मध्य प्रदेश को पूरे देश में “चीता स्टेट” के रूप में पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब साढ़े तीन साल पहले कुनो में चीता पुनर्वास परियोजना की शुरुआत की थी और अब यह अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नए रिकॉर्ड बना रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि दो और चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी और भारत के वन्यजीव संरक्षण इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा। इस परियोजना का उद्देश्य देश में विलुप्त हो चुके चीतों की संख्या बढ़ाना और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में शिकार एवं स्वतंत्र रूप से विचरण के लिए तैयार करना है।
फरवरी में बोत्सवाना से कुल नौ चीते (छह मादा और तीन नर) कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इन्हें स्थानीय वातावरण के अनुकूल बनाने के लिए छोटे बाड़ों में रखा गया था। अब क्वारंटीन और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें धीरे-धीरे खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इन चीतों के आने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या, जिसमें भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं, बढ़कर 57 हो गई है।
‘प्रोजेक्ट चीता’ का यह तीसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय चरण है। इससे पहले 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए थे। इसके बाद वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कुनो पहुंचे थे। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए चीते अधिक जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं, जिससे कूनो में स्वस्थ और स्थायी चीता आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि ये चीते जल्द ही कूनो के प्राकृतिक वातावरण में पूरी तरह ढल जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि क्वारंटीन और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ चीतों को मध्य प्रदेश के गांधी सागर और नौरादेही अभयारण्यों में भी स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। दोनों चीतों को जंगल में छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क का दौरा भी किया।