गेहूं खरीद में इस राज्य ने बनाया रिकॉर्ड, 104 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की हुई रिकॉर्ड खरीदी

Preeti Nahar | May 29, 2026, 12:51 IST
Share
देश में इस साल गेहूं खरीद ने नया रिकॉर्ड बनाया है। सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों से बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदा गया, जिससे लाखों किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सीधा लाभ मिला। सरकार का दावा है कि इस बार खरीद प्रक्रिया में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी गई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। रिकॉर्ड उपार्जन को कृषि क्षेत्र और सरकारी खरीद व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गेहूं खरीद में मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड<br>
गेहूं खरीद में मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड
इस वक्त देश के अलग-अलग राज्यों में गेहूं की खरीद चल रही है, इसी बीच मध्यप्रदेश इस साल गेहूं खरीद के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुँच गया है। प्रदेश सरकार ने किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लगातार कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि के लिए काम कर रही है।

MSP पर हुई रिकॉर्ड गेहूं खरीदी

रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। ऐसे में राज्य के किसानों को गेहूं बिक्री पर कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेगा और सरकारी खरीद के प्रति उनका भरोसा बढ़ेगा।


लघु और सीमांत किसानों को मिली प्राथमिकता

सरकार ने इस साल छोटे और सीमांत किसानों से प्राथमिकता के साथ गेहूं खरीदने का फैसला किया था। इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाया गया और खरीद केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई। अधिकारियों के मुताबिक लाखों किसानों ने इस बार सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा। रिकॉर्ड सरकारी खरीद से किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर गेहूं बेचने की मजबूरी कम हुई। MSP पर सीधी खरीद होने से किसानों को बेहतर दाम मिला और भुगतान भी सीधे बैंक खातों में पहुंचा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

देश में क्यों अहम है मध्यप्रदेश की उपलब्धि?

मध्यप्रदेश पिछले कुछ वर्षों से गेहूं उत्पादन और सरकारी खरीद दोनों में तेजी से आगे बढ़ा है। राज्य की सिंचाई क्षमता, आधुनिक खेती तकनीक और बड़े खरीद नेटवर्क को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। इस साल 104 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीद के साथ मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उपार्जन करने वाला राज्य बन गया है।

राज्य में इस बार गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार को देखते हुए सरकार ने खरीद लक्ष्य भी बढ़ाया था। शुरुआत में केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 7.8 मिलियन टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया था। लेकिन बेहतर उत्पादन और किसानों से ज्यादा आवक को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग की थी।

राज्य सरकार के अनुरोध के बाद केंद्र ने अतिरिक्त 2.2 मिलियन टन गेहूं खरीद की मंजूरी दी, जिसके बाद कुल लक्ष्य बढ़कर 10 मिलियन टन हो गया। हालांकि राज्य ने तय लक्ष्य से भी ज्यादा खरीद करते हुए 10.42 मिलियन टन गेहूं उपार्जन का नया रिकॉर्ड बना दिया।
Tags:
  • Madhya Pradesh wheat procurement record
  • मध्यप्रदेश गेहूं खरीद रिकॉर्ड
  • 104 lakh metric tons wheat purchase
  • 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी
  • MSP for wheat
  • Madhya Pradesh creates record in wheat procurement
  • procures over 104 lakh metric tons wheat in MP
  • Wheat Khareedi in MP