जमीन अधिग्रहण पर किसानों को मध्य प्रदेश सरकार देगी की कीमत का 4 गुना मुआवज़ा, खेती से आमदनी बढ़ाने का भी रोडमैप तैयार
Gaon Connection | Aug 12, 2026, 14:45 IST
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि महोत्सव में किसानों को चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेती और किसान मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कवच योजना से करीब पांच हजार किसानों को बिना ब्याज के ऋण मिला है। मध्य प्रदेश खाद्यान्न, दलहन और दुग्ध उत्पादन में अग्रणी स्थान पर है। सरकार खेती को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाएगी।
मोहन यादव का किसानों को बड़ा तोहफा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल की करौंद मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती और किसान मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किए जाने पर किसानों को अब भूमि के बदले चार गुना मुआवज़ा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि किसान का खेत सरकार के लिए देवस्थल है और उसके खेत से निकलने वाला एक-एक दाना प्रसाद के समान है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान किसानों की आर्थिक सुरक्षा, कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि कवच योजना के माध्यम से प्राथमिक सहकारी समितियों की पुरानी गड़बड़ियों को दूर कर अब तक करीब 5 हजार किसानों को बिना ब्याज के ऋण और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया है। किसानों को ऋण चुकाने के लिए 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे, दलहन में पहले, तिलहन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास के उत्पादन में भी प्रदेश देश में अग्रणी है। सरकार अब खेती को सिर्फ फसल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मछली पालन से जोड़कर किसानों की आय के नए रास्ते तैयार करने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सरकारी योजनाओं के लिए यदि किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाता है, तो उन्हें अब चार गुना मुआवज़ा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन को अनावश्यक रूप से न बेचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान का खेत केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि उसके परिवार की आजीविका और प्रदेश की खाद्य व्यवस्था का आधार है।
उन्होंने किसानों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके खेत सरकार के लिए देवस्थल के समान हैं और खेत से पैदा होने वाला प्रत्येक दाना प्रसाद के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के पसीने की हर बूंद का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई कवच योजना को मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्राथमिक सहकारी समितियों से जुड़ी पुरानी गड़बड़ियों को दूर किया गया है और करीब 5 हजार किसानों को बिना ब्याज के ऋण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। योजना के तहत किसानों को ऋण चुकाने के लिए पूरे 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक संकट से राहत देना और उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान अपनी मेहनत के दम पर मध्य प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अन्न उत्पादन में देश में दूसरे, दलहन उत्पादन में पहले, तिलहन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती और जैविक कपास के उत्पादन में भी मध्य प्रदेश देश में अव्वल है। सरकार का लक्ष्य खेती की लागत कम करने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाना है। इसके लिए तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने, उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर करने और 10 हजार नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने और उद्यानिकी तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय पशुपालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों से भी जुड़ना चाहिए, ताकि उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार हो सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार खेती को केवल अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती। कृषि उपज को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं और पिछले 26 दिनों में यह 14वां बलराम कृषि महोत्सव है। जल्द ही भोपाल मुख्यालय में भी बड़े कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों की मेहनत और योगदान को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उन्हें पूरे उत्साह के साथ कृषि महोत्सवों में भाग लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान किसानों की आर्थिक सुरक्षा, कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि कवच योजना के माध्यम से प्राथमिक सहकारी समितियों की पुरानी गड़बड़ियों को दूर कर अब तक करीब 5 हजार किसानों को बिना ब्याज के ऋण और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया है। किसानों को ऋण चुकाने के लिए 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे, दलहन में पहले, तिलहन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास के उत्पादन में भी प्रदेश देश में अग्रणी है। सरकार अब खेती को सिर्फ फसल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मछली पालन से जोड़कर किसानों की आय के नए रास्ते तैयार करने पर जोर दे रही है।
जमीन अधिग्रहण पर किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवज़ा
उन्होंने किसानों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके खेत सरकार के लिए देवस्थल के समान हैं और खेत से पैदा होने वाला प्रत्येक दाना प्रसाद के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के पसीने की हर बूंद का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कवच योजना से 5 हजार किसानों को मिला सहारा
कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश की मजबूत स्थिति
प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग से बढ़ेगी किसानों की आय
उन्होंने कहा कि सरकार खेती को केवल अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती। कृषि उपज को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं और पिछले 26 दिनों में यह 14वां बलराम कृषि महोत्सव है। जल्द ही भोपाल मुख्यालय में भी बड़े कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों की मेहनत और योगदान को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उन्हें पूरे उत्साह के साथ कृषि महोत्सवों में भाग लेने का आह्वान किया।