MP में जुलाई की इस तारीक से पहले होगी अतिथि शिक्षकों की भर्ती, जानें तारीख; स्कूलों में शुरू होगा AI प्रशिक्षण
Preeti Nahar | May 21, 2026, 18:55 IST
मध्य प्रदेश में नए शिक्षा सत्र से पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जुलाई महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी न रहे। इसके साथ ही AI प्रशिक्षण, शिक्षा घर योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोड़ने और जर्जर स्कूलों की मरम्मत जैसे कई बड़े फैसले भी लिए गए हैं।
सीएम मोहन यादव की बैठक
मध्य प्रदेश सरकार नए शिक्षा सत्र से पहले स्कूल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सरकार का उद्देश्य है कि नए सत्र की शुरुआत में स्कूलों में शिक्षकों की कमी न रहे और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं, जिनमें AI प्रशिक्षण, स्कूलों की मरम्मत और ड्रॉपआउट कम करने की योजना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि नए शिक्षा सत्र से पहले सभी जरूरी पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। ऐसे में सरकार चाहती है कि जुलाई से पहले स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों। शिक्षा विभाग अब भर्ती प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि जल्द ही जिलावार रिक्त पदों और आवेदन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी जारी की जा सकती है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक परीक्षा परिणाम देने वाली सभी शालाओं के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी।
प्रदेश सरकार अब स्कूल शिक्षा में नई तकनीकों को शामिल करने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल स्किल्स विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी होंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों में भी आधुनिक शिक्षा मॉडल लागू करने की तैयारी की जा रही है।
पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर बच्चों की पढ़ाई के लिए काम करेंगे। सरकार ने करीब 19 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोड़ने का फैसला लिया है। इस पहल का उद्देश्य छोटे बच्चों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर शिक्षा माहौल देना और स्कूल से उनका जुड़ाव मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने ड्रॉपआउट कम करने के लिए ‘शिक्षा घर योजना’ शुरू करने की बात भी कही। इस योजना के जरिए उन बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की कोशिश की जाएगी जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं। सरकार का फोकस खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को स्कूल में बनाए रखने पर रहेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले एक साल के भीतर सभी जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों की मरम्मत करने के निर्देश भी दिए। कई सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके अलावा Education Portal 3.0 विकसित करने, पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित करने और स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
सरकार के इन फैसलों को नए शिक्षा सत्र से पहले शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। अतिथि शिक्षकों की भर्ती से लेकर AI प्रशिक्षण और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार तक, सरकार अब सरकारी स्कूलों को ज्यादा मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में काम करती दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं, जिनमें AI प्रशिक्षण, स्कूलों की मरम्मत और ड्रॉपआउट कम करने की योजना शामिल है।
1 जुलाई से पहले पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया
अच्छे रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का होगा सम्मान
स्कूलों में शुरू होगा AI प्रशिक्षण
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल स्किल्स विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी होंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों में भी आधुनिक शिक्षा मॉडल लागू करने की तैयारी की जा रही है।