56 लाख किसानों को राहत, महाराष्ट्र कैबिनेट ने ₹2 लाख तक का लोन माफ करने को दी मंज़ूरी, इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
Gaon Connection | Jun 03, 2026, 11:23 IST
महाराष्ट्र सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना' को मंजूरी देते हुए 2 लाख रुपये तक की कृषि ऋण माफी का ऐलान किया है। इससे करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 2 लाख रुपये से अधिक कर्ज वाले किसानों के लिए ओटीएस व्यवस्था होगी, जबकि समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन भी मिलेगा।
महाराष्ट्र में किसानों पर मेहरबान सरकार
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना' को मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा।
योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पकालिक फसल ऋण शामिल किए गए हैं। जिन किसानों के ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहे और 31 मार्च 2026 तक जमा नहीं हुए उनका 2 लाख रुपये तक का पूरा बकाया कर्ज माफ किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के लिए भूमि स्वामित्व की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
जिन किसानों पर 2 लाख रुपये से अधिक का कर्ज है उन्हें वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) का विकल्प दिया गया है। ऐसे किसानों को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वयं जमा करनी होगी। इसके बाद उन्हें 2 लाख रुपये तक की ऋणमाफी का लाभ मिलेगा। किसानों को यह राशि जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।
सरकार ने नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन योजना शुरू की है। वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन वर्षों में कम से कम दो बार समय पर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए चालू वित्त वर्ष का फसल ऋण भी समय पर चुकाना जरूरी होगा।
राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता और सहकारी संस्थाओं के ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 25 हजार रुपये से अधिक है उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आधार प्रमाणीकरण कराना होगा और एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण भी अनिवार्य रहेगा। सरकार इसके लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल भी तैयार करेगी। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति करेगी।
कांग्रेस ने कहा कि कर्जमाफी सिर्फ घोषणा बनकर नहीं रहनी चाहिए और सभी किसानों को बिना शर्त राहत दी जानी चाहिए। वहीं शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और किसान नेता राजू शेट्टी ने कर्जमाफी की सीमा बढ़ाने तथा सभी प्रभावित किसानों को योजना के दायरे में लाने की मांग की है।
56 लाख कि
सरकार का कहना है कि यह योजना राज्य के लाखों किसानों को कर्ज के बोझ से राहत दिलाएगी। हालांकि विपक्ष का कहना है कि लाभार्थियों की वास्तविक संख्या और योजना के प्रभाव का आकलन इसके लागू होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।