यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार, 44 से बढ़कर 83 हुए मेडिकल कॉलेज; योगी बोले- इलाज का फायदा सीधे जनता तक
Preeti Nahar | May 26, 2026, 16:58 IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है, जबकि एमबीबीएस और पीजी सीटों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। सरकार अब डिजिटल हेल्थ, रिसर्च, सुपर स्पेशियलिटी और आधुनिक मेडिकल सुविधाओं को तेजी से मजबूत कर रही है।
आयुष्मान योजना से 96 लाख से ज्यादा मरीजों का मुफ्त इलाज
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार लगातार बड़े बदलाव कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में साफ कहा कि अस्पतालों में सुधार का असर सीधे आम लोगों को महसूस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाज, जांच, दवाओं और मेडिकल सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए, ताकि लोगों को सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़े।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। गांवों से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ अस्पताल खोलना काफी नहीं है, बल्कि वहां डॉक्टर, उपकरण और बेहतर प्रबंधन भी जरूरी है।
प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल शिक्षा का बड़ा विस्तार हुआ है।
मेडिकल शिक्षा में बदलाव
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस समय 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। करीब 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं। ‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत 17 हजार स्कूलों में जागरूकता और परामर्श कार्यक्रम चलाए गए। वहीं 10 हजार से ज्यादा नर्सिंग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।
सरकार अब मेडिकल रिसर्च और डिजिटल हेल्थ सिस्टम पर भी बड़ा फोकस कर रही है। बैठक में बताया गया कि- 15.28 करोड़ से ज्यादा ABHA ID बनाई जा चुकी हैं15.14 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए गए हैंमेडटेक और रिसर्च सेक्टर में लगभग ₹1500 करोड़ निवेश प्रस्ताव आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल संस्थानों को रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाना चाहिए ताकि मरीजों को आधुनिक इलाज मिल सके।
यूपी में तेजी से बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं
| स्वास्थ्य संस्थान/सेवा | संख्या |
|---|---|
| जनपदीय चिकित्सालय | 108 |
| विशिष्ट चिकित्सालय | 106 |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 976 |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) | 3,757 |
| स्वास्थ्य उपकेंद्र | 27,668 |
| ओपीडी सेवाएं (2025-26) | 26.41 करोड़ |
| आईपीडी सेवाएं | 1.23 करोड़ |
| पैथोलॉजी जांचें | 24.33 करोड़ |
मेडिकल कॉलेज और सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मेडिकल शिक्षा में बदलाव
| क्षेत्र | पहले | अब |
|---|---|---|
| मेडिकल कॉलेज | 44 | 83 |
| एमबीबीएस सीटें | 5,390 | 12,800 |
| पीजी सीटें | 1,344 | 5,067 |
| सुपर स्पेशियलिटी सीटें | — | लगभग 165% वृद्धि |