हरियाणा में बाढ़ से निपटने की बड़ी तैयारी: 13 जिलों में एक साथ हुआ मॉक ड्रिल, NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा
Gaon Connection | May 14, 2026, 18:47 IST
हरियाणा सरकार ने मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। राज्य के 13 जिलों में पहली बार फ्लड मॉक ड्रिल हुई। इसमें राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। यमुना और घग्गर जैसी नदियों में बाढ़ का परिदृश्य बनाया गया। 24 विभागों ने हिस्सा लिया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस टीमों ने बचाव कार्य किए।
मानसून से पहले हरियाणा अलर्ट
मानसून से पहले हरियाणा सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 13 बाढ़ प्रभावित जिलों में गुरुवार को पहली बार राज्य स्तरीय फ्लड मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों को परखना और उन्हें और मजबूत बनाना था। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक यह अभ्यास वर्ष 2023 और 2025 में आई बाढ़ से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए किया गया। राज्य सरकार अब तकनीक आधारित और समुदाय केंद्रित आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर जोर दे रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से राहत और बचाव कार्य किए जा सकें।
यह मॉक ड्रिल गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर जिलों में एक साथ आयोजित की गई। इन जिलों को बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील माना गया है। हर जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इसमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, राहत शिविर चलाना, मेडिकल सहायता और फंसे लोगों को निकालने जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
अभ्यास के दौरान ऐसा परिदृश्य तैयार किया गया जिसमें भारी बारिश के कारण यमुना, घग्गर, टांगरी और मारकंडा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते बाढ़, शहरी जलभराव, संचार व्यवस्था बाधित होने और बुनियादी ढांचे को नुकसान जैसी स्थिति पैदा होने की कल्पना की गई। राज्य सरकार ने इस दौरान 24 विभागों को सक्रिय किया। इनमें गृह विभाग, पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और शहरी निकाय विभाग शामिल रहे।
मॉक ड्रिल के दौरान SDRF, NDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान का अभ्यास किया। इसमें नदी किनारे फंसे लोगों को निकालना, मेडिकल इमरजेंसी संभालना और राहत शिविर संचालन जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलती है और कमियों की पहचान भी हो पाती है।
इस अभ्यास में ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, NCC कैडेट्स, NSS वालंटियर्स, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स और कई स्थानीय NGOs ने भी हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर लोगों को आपदा के प्रति जागरूक और तैयार करना था।
वित्त आयुक्त एवं राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रमुख सुमिता मिश्रा ने राज्य कंट्रोल रूम से पूरे अभ्यास की निगरानी की। उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल से मिले अनुभवों को भविष्य की आपदा प्रबंधन योजनाओं में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एक मजबूत, तेज और तैयारी आधारित आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि किसी भी आपदा के दौरान लोगों को तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।