यूपी में देसी गायों की डेयरी लगाने का सुनहरा अवसर, सरकार दे रही ₹11.80 लाख तक का अनुदान; जानें आवेदन की अंतिम तिथि
Gaon Connection | Jun 29, 2026, 15:34 IST
उत्तर प्रदेश सरकार की मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को 10 देसी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने पर अधिकतम 11.80 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। योजना पूरे प्रदेश में लागू है। इसमें साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं। पात्र किसान 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
सिर्फ 10 देसी गायों से शुरू करें डेयरी
उत्तर प्रदेश में पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 'मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना' का संचालन कर रही है। योजना के तहत उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली देसी नस्ल की गायों पर आधारित डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए किसानों को अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में देसी गोवंश के संवर्धन के साथ दूध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराना है।
यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है और पात्र पशुपालक इसका लाभ उठा सकते हैं। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी और किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय का स्थायी साधन भी मिलेगा। इच्छुक पशुपालकों के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है और ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
योजना के तहत 10 देसी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 23.60 लाख रुपये की परियोजना लागत तय की गई है। इस पर सरकार 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 11.80 लाख रुपये का अनुदान दो चरणों में उपलब्ध कराएगी। परियोजना में 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी, जबकि 35 प्रतिशत बैंक ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी। पहला अनुदान डेयरी के आधारभूत ढाँचे के निर्माण के बाद और दूसरा अनुदान गायों की खरीद पूरी होने पर दिया जाएगा।
योजना में केवल साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी ब्यात की हो तथा उसका ब्यात 45 दिन से अधिक पुराना न हो। सभी गायों का ईयर टैग और बीमा अनिवार्य रहेगा। आवेदक के पास कम-से-कम तीन वर्ष का गोपालन या महिष पालन का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा डेयरी इकाई के लिए 0.20 एकड़ तथा चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ भूमि होना भी आवश्यक है।
इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो पात्र लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
हालाँकि, कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना अथवा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के पहले से लाभ ले चुके पशुपालक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकार ने इच्छुक किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, क्योंकि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 है।
यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है और पात्र पशुपालक इसका लाभ उठा सकते हैं। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी और किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय का स्थायी साधन भी मिलेगा। इच्छुक पशुपालकों के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है और ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
10 देसी गायों की डेयरी पर मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान, ये हैं प्रमुख शर्तें
योजना में केवल साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी ब्यात की हो तथा उसका ब्यात 45 दिन से अधिक पुराना न हो। सभी गायों का ईयर टैग और बीमा अनिवार्य रहेगा। आवेदक के पास कम-से-कम तीन वर्ष का गोपालन या महिष पालन का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा डेयरी इकाई के लिए 0.20 एकड़ तथा चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ भूमि होना भी आवश्यक है।
ऑनलाइन आवेदन शुरू, ई-लॉटरी से होगा चयन
हालाँकि, कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना अथवा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के पहले से लाभ ले चुके पशुपालक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकार ने इच्छुक किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, क्योंकि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 है।