मानसून आ गया, लेकिन क्या आपके राज्य में होगी बारिश? IMD ने बताया पूरा हाल, इन पर्यटन स्थलों पर भारी बारिश का अलर्ट
Gaon Connection | Jun 05, 2026, 09:49 IST
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंच गया है और अब देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। आईएमडी ने केरल, कर्नाटक, पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट है, जबकि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू चलने की संभावना जताई गई है।
देशभर में कैसा रहेगा मौसम
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे चुका है और अब इसका असर देश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले एक सप्ताह के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान, तेज हवाओं और कुछ क्षेत्रों में लू की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, जहां एक ओर दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू का असर बना रह सकता है।
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल पहुंच गया। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार यह तीन दिन की देरी से आया। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह देरी सामान्य सीमा के भीतर है। अगले सात दिनों के दौरान केरल और कर्नाटक में कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु में भी कई जगह भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक केरल, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, कोंकण और गोवा में लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। इसका असर मुन्नार, वायनाड, कूर्ग, अगुम्बे, गोकर्ण, गोवा और पूरे पश्चिमी घाट क्षेत्र पर देखने को मिलेगा। बारिश के कारण झरने और नदियां उफान पर होंगी, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ेगा और पर्यटकों को आकर्षित करेगा। हालांकि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और यात्रा योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका भी रहेगी।
आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। इसका असर शिलांग, चेरापूंजी, मावलिन्नोंग, तवांग, जीरो वैली, दजुको वैली और मिजोरम के जंगलों जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पड़ सकता है। बारिश से इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ेगी, लेकिन पहाड़ी मार्गों पर फिसलन और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इसका असर दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, गंगटोक, पेलिंग और अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर पड़ सकता है, जहां गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
मौसम विभाग ने 5 जून को उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी हिमालय के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। यह समय चारधाम यात्रा, ऋषिकेश, नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ का होता है। ऐसे में यात्रियों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से करीब 30 जिलों में अगले तीन दिनों तक छिटपुट बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग ने कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और मेरठ में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 जून तक हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इसके बाद लखनऊ और आसपास के जिलों में तेज धूप निकलने के साथ तापमान बढ़ेगा। गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में राजधानी का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि जहां देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो रहा है, वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। आईएमडी ने बिहार में 6 से 8 जून के बीच और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जून के दौरान लू चलने की चेतावनी दी है।
अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, लक्षद्वीप और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है। इसका असर मछुआरों, फेरी सेवाओं और समुद्री गतिविधियों पर पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में मानसून केवल बारिश का मौसम नहीं बल्कि पर्यटन का भी एक विशेष सीजन बनता जा रहा है। पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत, गोवा का ग्रामीण इलाका और हिमालय की तलहटी वाले क्षेत्रों में इस दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। लोग धुंध से ढकी पहाड़ियों, झरनों और हरियाली का आनंद लेने के लिए इन स्थानों का रुख करते हैं। हालांकि मौसम विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपने गंतव्य का ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर जांच लें, क्योंकि एक ही समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी और लू जैसी अलग-अलग परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
केरल में मानसून की एंट्री, अगले सात दिन भारी बारिश
पश्चिमी घाट के पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी रौनक, लेकिन सावधानी जरूरी
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी
दार्जिलिंग, गंगटोक और सिक्किम में भी बरसेंगे बादल
उत्तराखंड और हिमालयी राज्यों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका
दिल्ली समेत उत्तर भारत में आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से करीब 30 जिलों में अगले तीन दिनों तक छिटपुट बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग ने कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और मेरठ में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की है।