कहाँ तक पहुंचा मानसून? मौसम विभाग ने जारी किया ताज़ा अपडेट, अगले 4 दिन इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश
Gaon Connection | Jun 01, 2026, 14:45 IST
मानसून केरल तट के करीब पहुंच गया है और अगले चार से पांच दिनों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है। IMD ने केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। वहीं मुंबई में मानसून की सक्रिय बारिश सामान्य से देर से पहुंच सकती है।
मानसून की रफ्तार तेज
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल तट के करीब पहुंच गया है और अगले चार से पांच दिनों के दौरान इसके आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल और माहे में बुधवार से लगातार चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। माना जा रहा है कि इसी अवधि में मानसून के आधिकारिक आगमन की घोषणा भी हो सकती है। सोमवार सुबह मानसूनी बादल फिर से दक्षिण-पूर्व अरब सागर में सक्रिय होते दिखाई दिए और वे लक्षद्वीप तथा केरल तट की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) अभी रविवार की स्थिति से आगे नहीं बढ़ी है। वर्तमान में यह रेखा कन्याकुमारी के दक्षिण से होते हुए उत्तरी श्रीलंका और फिर बंगाल की खाड़ी के रास्ते म्यांमार तक फैली हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों में मानसून के लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसी को देखते हुए केरल और माहे में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। सोमवार और मंगलवार को केरल, माहे और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले चार दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं केरल और माहे में सोमवार और मंगलवार को, लक्षद्वीप में अगले छह दिनों तक तथा तटीय कर्नाटक में बुधवार से चार दिनों तक भारी वर्षा हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी सोमवार को बारिश का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी से सटे क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले चार दिनों तक, तेलंगाना में छह दिनों तक तथा उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तटीय कर्नाटक में अगले चार दिनों के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
यूरोपीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF) के अनुसार अगले पखवाड़े के दौरान बारिश मुख्य रूप से केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में केंद्रित रह सकती है। इसका प्रभाव मध्य तमिलनाडु, रायलसीमा और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार मुंबई में लगातार और व्यापक मानसूनी बारिश के लिए सामान्य तिथि 10 जून से भी अधिक इंतजार करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मानसून को मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है। MJO उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बनने वाली ऐसी मौसमी प्रणाली है जो हिंद महासागर क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों को मजबूत करती है। मौजूदा पूर्वानुमान बताते हैं कि जून के मध्य तक MJO पश्चिमी गोलार्ध और अफ्रीका के ऊपर कमजोर पड़ सकता है और इसके बाद इसकी स्पष्ट गतिविधि दिखाई नहीं देगी। मौसम मॉडल फिलहाल यह संकेत नहीं दे रहे हैं कि यह जल्द हिंद महासागर क्षेत्र में लौटकर मानसून को अतिरिक्त मजबूती देगा।