यूपी, बिहार समेत 20 राज्यों के लिए राहत भरी खबर, मानसून को लेकर IMD का बड़ा अपडेट, जानें कब से होगी बारिश
Gaon Connection | Jun 03, 2026, 10:23 IST
दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल पहुंच सकता है। इसके साथ ही दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी। मौसम विभाग ने कई राज्यों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि अल नीनो के कारण पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश की आशंका बनी हुई है।
मानसून की दस्तक करीब
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश के करीब पहुंच गया है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जून के आसपास इसके केरल पहुंचने का अनुमान जताया है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी शुरुआत लगभग तीन दिन की देरी से हो रही है। हालांकि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मानसून के आगमन के साथ दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और लक्षद्वीप में व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 3 से 6 जून के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 और 4 जून को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी आने की संभावना है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी आंधी चल सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के कारण इन राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मुंबई और पुणे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अमरावती, कोल्हापुर, सतारा, औरंगाबाद और जालना जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
दक्षिण भारत इस सप्ताह सबसे अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल रहेगा। केरल में 2 से 8 जून के बीच कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 4 जून तक तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी दी गई है।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश में 8 जून तक तथा असम और मेघालय में 5 से 8 जून के बीच भारी बारिश का अनुमान जताया है।
ओडिशा, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी इस सप्ताह गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज आंधी और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मानसून की अच्छी शुरुआत के संकेतों के बीच मौसम वैज्ञानिकों की नजर अल नीनो की स्थिति पर भी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रशांत महासागर में तटस्थ स्थिति धीरे-धीरे अल नीनो की ओर बढ़ रही है। जून में इसका असर सीमित रह सकता है, लेकिन सितंबर तक यह मजबूत हो सकता है। ऐसे में पूरे मानसून सीजन के दौरान देश में सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम बारिश होने की आशंका बनी हुई है। आईएमडी का अनुमान है कि इस वर्ष देशभर में वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के लगभग 90 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।