यूपी में मानसून की दमदार वापसी! इन ज़िलों में होगी मूसलाधार बारिश, 22 जुलाई तक इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट
Gaon Connection | Jul 17, 2026, 11:14 IST
उत्तर प्रदेश में 17 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, अलीगढ़ समेत कई ज़िलों में अगले 4-5 दिनों तक बारिश की संभावना है। आईएमडी ने 22 जुलाई तक उत्तर प्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, देशभर में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
फिर मेहरबान हुआ मानसून
उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ़्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) के मज़बूत होने के बाद मानसूनी ट्रफ़ दोबारा उत्तर प्रदेश की ओर लौट आई है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 17 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ होंगी और अगले चार से पाँच दिनों तक अधिकांश ज़िलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।
गुरुवार रात लखनऊ समेत कई शहरों में हुई तेज़ बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत दिलाई। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। हालांकि, पूरे देश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कृषि और जल संसाधनों को लेकर चिंता बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ेगा। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, अलीगढ़, मथुरा, अंबेडकर नगर, हमीरपुर, फ़िरोज़ाबाद, बस्ती, बलिया, सिद्धार्थनगर, बाराबंकी, जौनपुर, रायबरेली, शाहजहाँपुर, सीतापुर, संभल, महाराजगंज, आगरा और लखीमपुर खीरी समेत कई ज़िलों में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है।
गुरुवार सुबह तक लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 62.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा महाराजगंज (फ़रेंदा) में 32 मिमी, बाराबंकी (नवाबगंज) में 28 मिमी, आगरा में 22.6 मिमी, शाहजहाँपुर (पुवायाँ) में 20.4 मिमी, जौनपुर (मड़ियाहूँ) में 20 मिमी, सिद्धार्थनगर (बाँसी) में 16.4 मिमी, रायबरेली (डलमऊ) में 13.6 मिमी, सीतापुर (भटपुरवाघाट) में 11.8 मिमी और संभल (चंदौसी) में 11 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
वहीं, लखनऊ के एयरपोर्ट, आशियाना और मानसरोवर योजना क्षेत्र में 18 मिमी, मोहनलालगंज में 9.8 मिमी, हज़रतगंज में 7.6 मिमी, अलीगंज में 5 मिमी और मलिहाबाद में 2.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। बारिश के बाद शहर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मज़बूत हो रहा है और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 19 से 21 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 120 से 200 मिमी तक अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भी 19 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
दूसरी ओर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 जुलाई को लू जैसी स्थिति (हीटवेव) रहने की संभावना है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 22 जुलाई तक उमस भरा मौसम बना रह सकता है। मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई तक देशभर में सामान्य 295.8 मिमी के मुकाबले केवल 224.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, यानी मानसून अब तक 24 प्रतिशत कमज़ोर रहा है। सबसे अधिक कमी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में दर्ज की गई, जहाँ वर्षा सामान्य से 36 प्रतिशत कम रही, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में 26 प्रतिशत की कमी रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण मानसूनी हवाओं का सामान्य प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे कई इलाकों में बारिश कम हुई। हालांकि, अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश में मानसून के और सक्रिय होने की उम्मीद है।
गुरुवार रात लखनऊ समेत कई शहरों में हुई तेज़ बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत दिलाई। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। हालांकि, पूरे देश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कृषि और जल संसाधनों को लेकर चिंता बनी हुई है।
यूपी में लखनऊ समेत इन ज़िलों में होगी बारिश, कई जगह भारी वर्षा का अलर्ट
गुरुवार सुबह तक लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 62.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा महाराजगंज (फ़रेंदा) में 32 मिमी, बाराबंकी (नवाबगंज) में 28 मिमी, आगरा में 22.6 मिमी, शाहजहाँपुर (पुवायाँ) में 20.4 मिमी, जौनपुर (मड़ियाहूँ) में 20 मिमी, सिद्धार्थनगर (बाँसी) में 16.4 मिमी, रायबरेली (डलमऊ) में 13.6 मिमी, सीतापुर (भटपुरवाघाट) में 11.8 मिमी और संभल (चंदौसी) में 11 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
वहीं, लखनऊ के एयरपोर्ट, आशियाना और मानसरोवर योजना क्षेत्र में 18 मिमी, मोहनलालगंज में 9.8 मिमी, हज़रतगंज में 7.6 मिमी, अलीगंज में 5 मिमी और मलिहाबाद में 2.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। बारिश के बाद शहर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
22 जुलाई तक इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, देशभर में सामान्य से 24% कम बरसात
दूसरी ओर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 जुलाई को लू जैसी स्थिति (हीटवेव) रहने की संभावना है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 22 जुलाई तक उमस भरा मौसम बना रह सकता है। मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई तक देशभर में सामान्य 295.8 मिमी के मुकाबले केवल 224.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, यानी मानसून अब तक 24 प्रतिशत कमज़ोर रहा है। सबसे अधिक कमी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में दर्ज की गई, जहाँ वर्षा सामान्य से 36 प्रतिशत कम रही, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में 26 प्रतिशत की कमी रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण मानसूनी हवाओं का सामान्य प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे कई इलाकों में बारिश कम हुई। हालांकि, अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश में मानसून के और सक्रिय होने की उम्मीद है।