मानसून ने पकड़ी रफ्तार: 18 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी, जानिए कहाँ कैसा रहेगा मौसम
Gaon Connection | Jun 06, 2026, 11:09 IST
देशभर में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। आईएमडी ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और तमिलनाडु के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि दिल्ली, यूपी और पंजाब में मौसम बदलने से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। ओडिशा में अगले चार दिनों तक बारिश के आसार हैं। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा के कारण जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
आज कैसा रहेगा मौसम, जानिए
देशभर में मानसून की रफ्तार तेज होने लगी है और इसका असर अब उत्तर से दक्षिण तथा पूर्वोत्तर भारत तक दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप समेत कई राज्यों के लिए बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अब यह तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप तथा आसपास के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। जहां एक ओर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर तेज होने वाला है, वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
देहरादून मौसम केंद्र ने अगले तीन दिनों तक उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की है। टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, देहरादून और बागेश्वर जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 7 जून के बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, हालांकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। शिमला में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि कांगड़ा, पालमपुर, सुंदरनगर, भुंतर, कुफरी और अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सबसे अधिक 33 मिमी बारिश कसौली में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिमला में 32.8 मिमी, नेरी में 22 मिमी और सुंदरनगर में 19.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि कुछ इलाकों में धूल भरी हवाएं और हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं। इससे तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रह सकता है, लेकिन पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई जिलों में बादल छाए रहने और लगातार वर्षा होने का अनुमान है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
ओडिशा में फिलहाल भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। बौध जिला 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। संबलपुर में 41.2 डिग्री, जबकि भुवनेश्वर और अंगुल में 41.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। बालासोर, क्योंझर, मयूरभंज, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति जिलों में बिजली गिरने और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है। कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
तमिलनाडु में मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है। नीलगिरि, थेनी, डिंडीगुल और कोयंबटूर के घाटी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तेनकासी, इरोड, सेलम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, मदुरै, विरुधुनगर और तिरुप्पुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 11 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है।
केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हो सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में देश के और हिस्सों को कवर कर सकता है। किसानों, जलाशयों और कृषि क्षेत्र के लिए यह राहत की खबर है, हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अब यह तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप तथा आसपास के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। जहां एक ओर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर तेज होने वाला है, वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।