जुलाई में थोड़ा सुधरा मानसून, फिर भी देश में 23% बरिश की कमी, खेती वाले कई इलाकों में सूखे जैसे हालात
Gaon Connection | Jul 15, 2026, 16:55 IST
जुलाई के पहले 15 दिनों में हुई अच्छी बारिश से देश में मानसून की स्थिति कुछ बेहतर हुई है, लेकिन 1 जून से अब तक कुल वर्षा सामान्य से 23 प्रतिशत कम बनी हुई है। आईएमडी के अनुसार, 21 मौसम क्षेत्रों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। मध्य भारत में सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दक्षिण भारत और पूर्वी-पूर्वोत्तर राज्यों में 35 प्रतिशत तक बारिश की कमी बनी हुई है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम से कुछ राज्यों में बारिश बढ़ने की उम्मीद जताई है।
कई राज्यों में अब भी बारिश का संकट
जुलाई के पहले 15 दिनों में अच्छी बारिश होने से देश में मानसून की स्थिति पहले से कुछ बेहतर हुई है। इसके बावजूद 1 जून से अब तक पूरे देश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जून के आखिर तक यह कमी 37 प्रतिशत थी, इसलिए जुलाई की बारिश से हालात में कुछ सुधार ज़रूर आया है। हालांकि, कई राज्यों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे खरीफ़ फसलों और खेती की चिंता बनी हुई है।
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जून से अब तक देश में 227 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 294.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। देश के 21 मौसम क्षेत्रों में अब भी सामान्य से 20 प्रतिशत या उससे कम बारिश हुई है। 10 जुलाई के बाद मानसून की रफ्तार फिर धीमी पड़ गई, जिससे कई राज्यों में बारिश लगभग थम गई।
आईएमडी के आँकड़ों के मुताबिक, 1 से 15 जुलाई के बीच देश में 123.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 128.9 मिमी होती है। यानी इस अवधि में बारिश केवल 4 प्रतिशत कम रही, जिससे पूरे मानसून सीज़न की कमी कुछ कम हुई। हालांकि, 11 से 15 जुलाई के बीच मानसून कमजोर पड़ने से देशभर में बारिश सामान्य से 67 प्रतिशत कम रही। इस दौरान 28 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। वहीं देश के 17 मौसम क्षेत्रों में जुलाई के पहले पखवाड़े के दौरान बारिश की कमी बनी रही।
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है। लेकिन देश के बाकी हिस्सों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक बारिश कम रहने की संभावना है।
बारिश के आँकड़े बताते हैं कि पूरे देश में मानसून एक जैसा नहीं रहा। उत्तर-पश्चिम भारत में जुलाई के पहले 15 दिनों में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई। वहीं, मध्य भारत में हालात काफी बेहतर रहे। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे इन राज्यों में खेती को राहत मिली है। इसके उलट केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश हुई। इसी तरह पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में किसानों को अब भी अच्छी बारिश का इंतज़ार है।
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जून से अब तक देश में 227 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 294.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। देश के 21 मौसम क्षेत्रों में अब भी सामान्य से 20 प्रतिशत या उससे कम बारिश हुई है। 10 जुलाई के बाद मानसून की रफ्तार फिर धीमी पड़ गई, जिससे कई राज्यों में बारिश लगभग थम गई।
जुलाई की शुरुआत ने दी राहत, लेकिन कई राज्यों में अब भी बारिश का इंतज़ार
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है। लेकिन देश के बाकी हिस्सों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक बारिश कम रहने की संभावना है।