बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर का असर! यूपी समेत कई राज्यों में फिर एक्टिव हुआ मानसून, जानें अपने राज्य का हाल
Gaon Connection | Jul 27, 2026, 09:49 IST
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मानसून को मजबूती मिली है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून फिर हुआ एक्टिव
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में सोमवार को बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, कहीं हल्की तो कहीं मध्यम और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। लगातार हो रही बारिश से उमसभरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कई इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत सबसे अधिक दिखाई दे रहे हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से उत्तर भारत में मानसून को नई मजबूती मिली है। इसका असर आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग ने लखनऊ सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही राजधानी में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। विभाग के अनुसार, दिनभर रुक-रुककर बारिश होने के साथ 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इस बार मानसून के दौरान लखनऊ में अब तक सामान्य से करीब 36 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। अब तक लगभग 196 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और झांसी सहित कई जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने और दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिल सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी जिलों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से उत्तर और पूर्वी भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसका असर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी देखने को मिलेगा। मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना है, जबकि भोपाल, जबलपुर और इंदौर में भी रुक-रुककर वर्षा हो सकती है।
दक्षिण भारत के बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और केरल के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत सबसे अधिक दिखाई दे रहे हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से उत्तर भारत में मानसून को नई मजबूती मिली है। इसका असर आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी देखने को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी बारिश, लखनऊ के लिए येलो अलर्ट
इस बार मानसून के दौरान लखनऊ में अब तक सामान्य से करीब 36 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। अब तक लगभग 196 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और झांसी सहित कई जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार, दिल्ली से लेकर पहाड़ी राज्यों तक बारिश के आसार
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी जिलों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर का दिखेगा असर
दक्षिण भारत के बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और केरल के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।