MP Farmers:अब सिंचाई की परेशानी होगी कम, किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देगी सरकार
Mansi | Aug 10, 2026, 17:02 IST
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जिसमें अगली कृषि सीज़न से उन्हें दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी। यह कदम किसानों को रात में सिंचाई की निर्भरता को कम करने में मदद करेगा। सरकार पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर उनकी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न पहल कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए अगले खेती सीज़न से दिन में 10 घंटे बिजली देने का ऐलान किया
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सिंचाई से जुड़ी एक अहम घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अगले खेती सीज़न से किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने रविवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से राजगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फ़ोकस केवल फसल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है।
सरकार अगले कृषि सीज़न से किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय 10 घंटे बिजली देने की व्यवस्था करने की तैयारी कर रही है। इससे किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए रात के समय बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का भी ज़िक्र किया। उनके अनुसार, करीब 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जा चुका है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि के साथ दूसरे क्षेत्रों को भी मज़बूत किया जा रहा है। पशुपालन, मछली पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार करने पर सरकार का ध्यान है। उन्होंने बताया कि साँची ब्रांड के माध्यम से प्रदेश में दूध उत्पादन की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में गेहूँ ख़रीद का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर 104 लाख मीट्रिक टन गेहूँ ख़रीदा गया है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इन योजनाओं के ज़रिए किसानों को खेती के दौरान आर्थिक सहारा देना है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक़, कवच योजना के माध्यम से किसानों को दोबारा बैंक से फसल ऋण लेने में सुविधा मिल रही है। इससे कई किसान फिर से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ पाए हैं और खेती के लिए ज़रूरी कर्ज़ हासिल कर सके हैं। उन्होंने किसानों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश के 16 विभाग किसानों से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रम चला रहे हैं। सरकार का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ किसानों की आय के नए साधन तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में चल रही भर्ती प्रक्रिया की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि करीब 80 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें लगभग 10 हजार पद शिक्षकों के हैं। अलग-अलग ज़िलों में पुलिस भर्ती भी की जा रही है और पुलिस बैंड की व्यवस्था शुरू करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को हर शुक्रवार जनता के बीच जाकर लोगों की समस्याएँ सुनने और उनका समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन अधिकारियों की नियमित बैठकें आयोजित नहीं की जाएँगी। उन्होंने साफ़ किया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फ़ोकस केवल फसल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है।